शहर में मकानों के नंबर जल्द ही क्रम से होंगे। ऐसा होने के बाद लोगों को किसी का मकान खोजने में दिक्कत नहीं होगी। नगर निगम शहर में मकानों का नए सिरे से सर्वे कराने जा रहा है। ऐसा होने पर तकरीबन 20 हजार छूटे मकान भी गृहकर के दायरे में आ जाएंगे। इससे निगम की आय में भी इजाफा होगा। मकानों से नए सिरे से सर्वे के लिए नगर निगम ने बजट में 50 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए हैं। नगर निगम की योजना यह काम निजी एजेंसी से कराने की है।
शहर के कई मोहल्लों में मकान नंबर क्रम से नहीं है। अल्लापुर, राजापुर गंगा नगर, बेली गांव, करेली, करेलाबाग, सिविल लाइंस आदि मोहल्लों में इस तरह की समस्या ज्यादा है। ऐसा इसलिए है कि इन मोहल्लों में जगह-जगह खाली पड़ी जमीनों पर हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में मकान बने। उसके बाद मकान मालिकों ने उसे नगर निगम में दर्ज कराया। मकान बीच-बीच में होने के कारण उनके नंबर भी क्रम से नहीं हो सके। इसकी वजह से बाहर से आने वाले लोगों को किसी परिचित का मकान खोजने में दिक्कत होती है। इसके अलावा भी तमाम तरह की परेशानियां होती हैं। मकान नंबर क्रम से करने की मांग लंबे समय से हो रही है।
पिछले दिनों नगर निगम सदन में बजट पर चर्चा के दौरान एक बार फिर यह मामला उठा, जिसमें मकान नंबर क्रम से करने के लिए नए सिरे से सर्वे का निर्णय लिया गया। सदन ने इसके लिए 50 लाख रुपये भी स्वीकृत किए। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र का कहना है कि आखिरी बार 2007 में सर्वे हुआ लेकिन उस दौरान मकान नंबर क्रम से नहीं किए गए। अब नौ वर्ष में काफी मकान भी बन चुके हैं सो उनके नंबर क्रम से करना जरूरी है। यह काम निजी एजेंसी कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर जल्द निकाला जाएगा।