महज दो लोकसभा क्षेत्रों में पड़े थे 50 फीसदी से अधिक वोट
उत्तर प्रदेश में कम मतदान प्रतिशत हमेशा से चिंता का कारण रहा है। आजादी के बाद हुए पहले आम चुनाव में भी मतदाताओं में बहुत उत्साह नहीं दिखा। मुज्जफरनगर में सबसे अधिक 57.42 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं देहरादून (अब उत्तराखंड में) 51.30 फीसदी वोटिंग हुई थी। अन्य लोकसभा क्षेत्रों में 50 फीसदी से कम मतदान हुआ था। बांदा में सबसे कम मात्र 22.88 प्रतिशत वोटिंग हुई।
1957 में और घट गया मतदान प्रतिशत
इलाहाबाद पूर्वी 1957 के लोकसभा चुनाव में फूलपुर हो गया। इस बार भी पं. जवाहर नेहरू तथा मसुरियादीन जीतकर संसद पहुंचे लेकिन इस चुनाव में मतदान प्रतिशत घटकर 38.62 फीसदी ही रह गया। हालांकि 1962 के लोकसभा चुनाव में 49.31 प्रतिशत मतदाता हुआ था और पड़े मतों में से 61.62 फीसदी वोट पाकर पं.नेहरू सांसद चुने गए थे। इस सीट पर सबसे अधिक 1984 में 61.03 फीसदी मतदान हुआ था। इलाहाबाद 1980, 1989, 1998, 1999 और 2014 में 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।
जब पं.नेहरू को धारण करना पड़ा जनेऊ
1951 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे पं.नेहरू को टीका लगाने के साथ जनेऊ भी धारण करना पड़ा था। एजी ब्रदरहुड के अध्यक्ष रहे हरिशंकर तिवारी का कहना है कि नेहरूजी के चुनाव प्रचार को लेकर बड़ों से सुना है। उनके अनुसार पं.नेहरू के खिलाफ बतौर निर्दलीय प्रभुदत ब्रह्मचारी मैदान में थे। ब्रह्मचारी ने चुनाव प्रचार के दौरान पं.नेहरू को हिंदू विरोधी बताया। इसके जवाब में पं.नेहरू को जनेऊ धारण करना और टीका लगाना पड़ा था।
...जब विजयालक्ष्मी ने लोहिया को दे दी गाड़ी
तमाम बंदिशों के बावजूद आज अमर्यादित भाषा एवं व्यवहार चुनावी प्रचार का हिस्सा बन गया है। वहीं एक दौर ऐसा भी था जब डॉ. राम मनोहर लोहिया ने प्रचार के लिए गाड़ी मांगी और पं.नेहरू की बहन विजयालक्ष्मी ने अपनी कार दे दी। 1962 के लोकसभा चुनाव में फूलपुर सीट से नेहरू के खिलाफ साेशलिस्ट पार्टी के राम मनोहर लोहिया मैदान में थे।
फूलपुर के गोमती इंटर कॉलेज में नेहरू की बहन विजयालक्ष्मी पंडित चुनावी सभा कर रही थीं। वयोवृद्ध कर्मचारी नेता एवं मीसा बंदी कृपाशंकर श्रीवास्तव बताते हैं कि उसी दौरान इफको गेट पर प्रचार के लिए जा रहे राम मनोहर लोहिया की जीप खराब हो गई। उस समय उनके साथ जनेश्वर मिश्र भी रहे। डॉ. लोहिया ने विजयालक्ष्मी से उनकी कार मांगी। डॉ. लोहिया ने कथा कि, आप अपनी कार दे दीजिए। फूलपुर में चुनावी सभा है लेकिन मेरी जीप खराब हो गई है। इसके बाद विजयालक्ष्मी पंडित ने ड्राइवर सहित अपनी गाड़ी दे दी थी।
दो चुनाव में फूलपुर से चुने गए थे दो सांसद
आजादी के बाद के पहले दो 1951 और 1957 के लोकसभा चुनावों में कई सीटों पर दो-दो सांसद चुने गए थे। इनमें फूलपुर सीट भी शामिल रही। 1951 में यह सीट इलाहाबाद पूर्वी थी जो 1957 से फूलपुर हो गई। इन दोनों ही चुनावों में कांग्रेस के पं.जवाहर लाल नेहरू तथा मसुरियादीन सांसद चुने गए थे। इसके बाद 1962 के चुनाव में पं.नेहरू फूलपुर तथा मसुरियादीन चायल से सांसद चुने गए।
फूलपुर (इलाहाबाद पूर्व) में कुल मतदाता
वर्ष 1951 - 749750
23 जनवरी 2024 - 2047108