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Prayagraj : रेलवे में काम कराए बिना दो करोड़ रुपये का भुगतान, विजिलेंस ने तलब किए रिकॉर्ड

Wed, 13 Mar 2024 06:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वर्ष 2021-22 के भी एक करोड़ रुपये के बिल कंपनी की ओर से पेश किए गए थे। विभागीय स्तर पर जब इन बिलों का सत्यापन कराया गया तब पता चला कि काम हुए ही नहीं है। जिन कार्यों के बिल लगाए गए थे, वह मौके पर पाए नहीं गए। इसके बाद उन बिलों का भुगतान रोक दिया गया।
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रेलवे। - फोटो : साेशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर मध्य रेलवे के फिरोजाबाद डिवीजन में काम कराए बिना करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है। रेलवे कॉलोनियों के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर दो करोड़ रुपये के बिलों का एक कंपनी के नाम भुगतान किए जाने की जानकारी रेल मंत्रालय के अलावा आला अफसरों को दी गई है। पीएमओ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक बात पहुंचने के बाद विजिलेंस ने इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं।

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एनसीआर के फिरोजाबाद जोन में वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान रेलवे कॉलोनियों के रखरखाव के नाम पर बड़े पैमाने पर बिलिंग कराए जाने की बात कही गई है। प्रयागराज की उन्नति इंटर प्राइजेज की निदेशक रत्ना चक्रवर्ती ने इस मामले की शिकायत डीआरएम हिमांशु बड़ोनी से भी की है।

इस कंपनी ने रेल मंत्रालय को इस घपले का विवरण दिया है। इसमें औरैया की राजकुमार कांट्रैक्टर कंपनी को अलग-अलग वर्षों में दो करोड़ रुपये के ऐसे बिलों का भुगतान करने की बात कही गई है, जो काम मौके पर कराए ही नहीं गए। इसमें रेलवे कॉलोनियों की टूटी छतों, दीवारों के खराब हुए प्लास्टर, नालियों की सफाई और मरम्मत के कार्यों की बिलिंग शामिल है।

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बिना सत्यापन के कर दिया गया भुगतान


कहा गया है वर्ष 2021-22 के भी एक करोड़ रुपये के बिल कंपनी की ओर से पेश किए गए थे। विभागीय स्तर पर जब इन बिलों का सत्यापन कराया गया तब पता चला कि काम हुए ही नहीं है। जिन कार्यों के बिल लगाए गए थे, वह मौके पर पाए नहीं गए। इसके बाद उन बिलों का भुगतान रोक दिया गया। लेकिन, संबंधित अफसर के तबादले के बाद वर्ष 2022-23 के भी एक करोड़ रुपये के बिल इन्हीं मदों में प्रस्तुत किए गए। शिकायत में कहा गया है कि इन बिलों का सत्यापन कराए बिना ही सीनियर डेन अंकित गुप्ता ने दो करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।

इस मामले में वर्क इंस्पेक्टर महेश कुमार एडिशनल डेन अंकित शुक्ला की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस की ओर से फिरोजाबाद जोन में इन दो वर्षों में कराए गए कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड तलब कर लिए गए हैं। इस मामले में संबंधित अफसरों से विजिलेंस ने जानकारी भी मांगी है।

दो करोड़ रुपये के फर्जी बिलों के भुगतान के संबंध में विजिलेंस टीम ने जो भी जानकारियां मांगी हैं, उसे उपलब्ध करा दिया गया है। किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है। विजिलेंस को इससे संबंधित जो भी साक्ष्य चाहिए, वह उपलब्ध कराए जाएंगे। - अंकित गुप्ता, सीनियर डेन, फिरोजाबाद जोन
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