पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पं. केशरीनाथ त्रिपाठी का बृहस्पतिवार को 83वां जन्मदिन मनाया गया। भारती परिषद प्रयाग की ओर से हिंदुस्तानी अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार और प्रयाग’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ। साथ ही साहित्यकारों का सम्मान किया गया। पं. केशरीनाथ त्रिपाठी जन्मदिन समारोह आयोजन समिति की ओर से राजर्षि टंडन मंडपम में कार्यक्रम हुआ।
हिंदुस्तानी अकादमी में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त महादेवी वर्मा, फिराक गोरखपुरी, सुमित्रानंदन पंत, नरेश मेहता एवं अमरकांत को समर्पित पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने साहित्यकारों के बारे में विस्तार से चर्चा की। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने राज्यपाल को आशीर्वाद एवं पुस्तक भेंट की। राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश समेत छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के साहित्यकारों की मौजूदगी में 51 साहित्यकारों को सम्मानित किया।
उन्हें सम्मान पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए। समारोह में नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.केबी पांडेय, अध्यक्षता कर रहे संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी के कुलपति प्रो.अभिराज राजेंद्र मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता एके कबीर, एकेडेमी के अध्यक्ष डॉ.सुनील जोगी ने विचार व्यक्त किए। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन भारती परिषद के महामंत्री शीलधर शास्त्री ने किया। इसमें डॉ.कृष्णा मुखर्जी, डॉ.एलएस ओझा, डॉ.बीबी अग्रवाल, सुबोध सिंह आदि मौजूद थे।
मंडपम में हुए समारोह में लोगों ने पं. केशरीनाथ त्रिपाठी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शुभकामनाएं उनके लिए ऊर्जा का कार्य करती हैं। उन्होंने कोलकाता राजभवन का भी जिक्र किया। मुख्य अतिथि सांसद श्याम चरण गुप्त थे। अतिथियों का स्वागत पदुम जायसवाल, संचालन बब्बू राम द्विवेदी एवं धन्यवाद ज्ञापन शिवेंद्र मिश्र ने किया। इसमें विधायक यज्ञदत्त शर्मा, अजय भारतीय समेत अशोक वाजपेई, अवधेश गुप्ता, शिवदत्त ओझा, अमरनाथ तिवारी, राजेश शुक्ल, डॉ.रमा सिंह, संजय पाठक आदि मौजूद थे।