उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अलावा विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अलावा अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय का घंटों घेराव किया।
एक्सईएन की पिटाई प्रकरण में एमएलसी के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने और उल्टे अफसर के खिलाफ जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज होने से बिजली अभियंता और कर्मचारी नाराज हैं। इस प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद से जुड़े कई संगठनों के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्य अभियंता विनोद कुमार गंगवार का घेराव किया। इस दौरान अभियंताओं ने एमएलसी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को मनगढ़ंत बताते हुए उसे निरस्त कराने की बात कही गई।
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उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अलावा विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अलावा अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय का घंटों घेराव किया। अभियंता संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि एक्सईएन की पिटाई के 24 घंटे बाद उच्चाधिकारियों के दबाब पर एमएलसी पर एफआईआर दर्ज हो सकी थी। लेकिन, एक्सईएन पर भी मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। जबकि, एमएलसी चोरी के कनेक्शन को जोड़वाने का दबाव बनाने गए थे और इसी प्रकरण को लेकर एक्सईएन के साथ मारपीट की गई।
अभियंताओं ने मुख्य अभियंता के अलावा मंडलायुक्त, एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, डीएम और एसएसपी को भी संयुक्त संघर्ष समिति के फैसले से अवगत कराया गया। अफसरों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एक्सईएन के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घेराव करने वालों में संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक जवाहर लाल विश्वकर्मा, अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव विजय प्रताप तिवारी, जूनियर इंजीनियर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष बीके पांडेय, विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष अखिलेश कुमार शर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी संघ के प्रांतीय मंत्री सीबी राय, मनोज गुप्ता समेत कई अभियंता शामिल थे।