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Prayagraj News: हाईकोर्ट के आदेश पर चुनाव की घोषणा, पांच अगस्त को दक्षता भाषण, सात को मतदान

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला अधिवक्ता संघ चुनाव तीन हफ्ते में पूरा कराने का आदेश दिया है। इसके लिए कोर्ट ने दस सदस्यीय एल्डर कमेटी और दो चुनाव अधिकारियों को नियुक्त कर आचार संहिता का पालन कराते हुए चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार की दोपहर एल्डर कमेटी की हुई बैठक में पांच अगस्त को दक्षता भाषण और सात अगस्त को मतदान की घोषणा कर दी है।
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अरुण कुमार पांडेय की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान पोस्टर, बैनर, जुलूस, नारेबाजी, लंच-डिनर पार्टियां, कोर्ट परिसर में इलेक्ट्रॉनिक प्रचार पर पूरी तरह रोक रहेगी। चुनावी नारेबाजी से न्यायिक कार्य में किसी भी प्रकार का व्यवधान करने वाले वकीलों के खिलाफ बार कौंसिल में कार्रवाई के साथ ही अवमानना की कार्यवाही भी की जा सकेगी। कोर्ट ने पूरी चुनाव प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रयागराज के पुलिस आयुक्त को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का आदेश भी दिया है।
कोर्ट के आदेश से चुनाव का रास्ता साफ होने के बाद शुक्रवार को एल्डर कमेटी की बैठक में चुनाव कराने की रूपरेखा तय की गई। इसके तहत पांच अगस्त को दक्षता भाषण व सात अगस्त को मतदान कराए जाने की घोषणा कर दी गई। कोर्ट के आदेश पर चुनाव अधिकारी बनें राजेंद्र श्रीवास्तव और अखिलेश झा चुनाव का पर्यवेक्षण भी करेंगे। बैठक में एल्डर कमेटी के सदस्य गिरीश कुमार तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, राकेश कुमार तिवारी, भगवत प्रसाद पांडेय, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, राकेश कुमार दुबे व मंत्री वरुण कुमार सिंह मौजूद रहे।
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नारेबाजी व भोज भंडारे पर रहेगी रोक
चुनाव अधिकारियों ने प्रत्याशियों से आचार संहिता का पालन करने की अपील की है। कहा है कि चुनाव के दौरान न्यायालय परिसर के साथ ही शहर में लगे पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाने की अनुमति नहीं होगी, जो लगी है उसे प्रत्याशी रविवार तक हटा लें। प्रत्याशी न्यायालय परिसर में वकीलों से शांतिपूर्वक संपर्क कर सकते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव खत्म होने तक किसी भी प्रत्याशी व उनके समर्थकों को भोज-भंडारे का आयोजन करने की इजाजत नहीं होगी। चुनाव के दिन मतदान परिसर में केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को प्रवेश मिलेगा जिनके पास मूल सीओपी कार्ड या प्रमाणपत्र होगा।
कोर्ट की टिप्पणी
जिला अधिवक्ता संघ का सुचारु संचालन न्याय वितरण प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। निर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल तीन अप्रैल को समाप्त हो चुका है लेकिन विभिन्न कारणों से नए चुनाव नहीं हो सके। ऐसे में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाना आवश्यक है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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