फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसआरएन में डॉक्टरों की लापरवाही से गई बुजुर्ग की जान, बेटे ने की सीएम योगी से शिकायत

Mon, 27 Jul 2020 11:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
विज्ञापन
एसआरएन अस्पताल में खाली पड़े बेड। - फोटो : prayagraj
विज्ञापन
एमएलएन मेेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों की संवेदनहीनता से एक मरीज की जान जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गृह विभाग से सेवानिवृत्त बुजुर्ग के बेटे ने पिता के इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन


उनका कहना है कि अस्पताल के कोविड वार्ड में मरीज भगवान भरोसे हैं। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री की हेल्प डेस्क पर शिकायत कर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले 24 जुलाई को कमिश्नर, डीएम, एडी हेल्थ सहित अन्य अफसरों को शिकायती पत्र भेजा था।

अल्लापुर निवासी राघवेंद्र कुमार वैश्य के मुताबिक उनके पिता ओंकारनाथ वैश्य (78) को हाई शूगर, किडनी और लीवर में दिक्कत थी। 14 जुलाई की शाम छह बजे उन्हें एसआरएन अस्पताल के कोविड वार्ड दो में भर्ती किया गया। कुछ देर बाद ओंकार का ब्लड सैंपल लिया गया। जो करीब डेढ़ घंटे तक बेड पर ही पड़ा रहा।
विज्ञापन


15 जुलाई को रिपोर्ट आई तो लीवर, किडनी में इंफेक्शन के साथ प्लेटलेट्स भी कम थी। डॉक्टरों की संवेदनहीनता की वजह से वह रात भर गीले बेड पर पड़े रहे। आरोप लगाया कि 16 तारीख की सुबह पिताजी ने फोन पर कहा कि यहां कोई सुन नहीं रहा है, मैं बचूंगा नहीं। भागकर वहां पहुंचा तो डॉक्टर ने बताया कि उन्हें हाई ऑक्सीजन पर रखा गया है।

दस मिनट बाद बताया गया कि पेशेंट की बॉडी रिस्पांस नहीं कर रही थी, इसलिए वेंटिलेटर सपोर्ट दिया है। दोपहर करीब 2.10 बजे उन्हें बताया गया कि उनके पिता नहीं रहे। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ओंकारनाथ के इलाज में कोताही नहीं की गई। इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप बेबुनियाद हैं। गंभीर बीमारियों के कारण वह सर्वाइव नहीं कर सके। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें