बारहवीं के बच्चो ने भी लहराया परचम
खुशबु बानो ने 85 अंक हासिल कर साबित कर दिया कि अगर बस्ती के बच्चियों को पढ़ने का मौका मिले तो वो कुछ भी कर सकती है। खुशबु के पिता जी रिक्शा चलाते हैं। खुशबू बैंकिंग के क्षेत्र में जाना चाहती है। शनि ने 70 प्रतिसत अंक हासिल करने के साथ साथ गणित में 100 में से 96 अंक प्राप्त कर दिखा दिया कि झुग्गी झोपड़ी के बच्चो में अपार प्रतिभा है बस आवश्यकता है। उन्हे सही मार्गदर्शन और सहयोग की।
70 फीसदी अंक हासिल करने वाली कोमल के पिता जी कबाड़ बीनने का काम करते हैं। कोमल आगे चलकर आईपीएस बनना चाहती है। इन बच्चों ने बहुत ही कठिन परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई कर बोर्ड परीक्षा में शानदार सफलता हासिल किया। किसी ने पिता जी के सब्जी के ठेले पर बैठकर पढ़ाई की तो किसी ने झोपड़ी में लाइट न होने की वजह से मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई की।
आठ वर्ष पूर्व इन सभी बच्चो का दाखिला शुरुआत एक ज्योति शिक्षा की संस्था ने अलग अलग स्कूलों में कराया साथ ही साथ इन बच्चों की शिक्षा दीक्षा की पूरी जिम्मेदारी शुरुआत परिवार के द्वारा विगत आठ वर्षों से निर्वहन की जा रही है। इन बच्चों को सभी विषयों की तैयारी प्रतिदिन संस्था के शिक्षकों के द्वारा दस दस घंटे कराई गई, जिसकी वजह से बच्चों ने शानदार सफलता अर्जित किया और साथ ही साथ बस्ती की और बच्चो के लिये भी शिक्षा की उम्मीद की किरण जगा दी है।