हाईकोर्ट सुरक्षा में लगे आठ पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही पर निलंबित कर दिए गए। इनमें दो दरोगा, चार दीवान व दो सिपाही शामिल हैं। कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए तीन जनवरी से हाईकोर्ट में वर्चुअल मोड से सुनवाई करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि उक्त तिथि पर रोक के बावजूद इसका पालन नहीं हुआ।
जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद आला पुलिस अफसरों ने मामले में जांच के आदेश दिए। जिले में तैनात एडिशनल एसपी स्तर के एक अधिकारी ने जांच की तो पता चला कि गेट नंबर तीन पर लापरवाही हुई। इस दौरान गेट पर एसआई छविराम, हेड कांस्टेबल मो. इसराइल जबकि परिसर के भीतर एसआई सूर्यनारायण व अन्य पांच पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे।
कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी ठीक ढंग से नहीं की। जांच पड़ताल के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आठों पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोपी पाए गए। इसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई। जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आठ पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने का आरोपी पाया गया है। इनमें से छह प्रयागराज में तैनात हैं जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दो अन्य कौशाम्बी व प्रतापगढ़ में तैनात हैं जिनकी निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट संबंधित एसपी को भेज दी गई है। अजय कुमार, एसएसपी
कई अन्य पर गिर सकती है गाज
सूत्रों का कहना है कि प्रकरण में अभी कई अन्य पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है। फिलहाल फुटेज के आधार पर उनकी भूमिका की जांच पड़ताल चल रही है। इसके अलावा सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बल के जवानों की भी पृथक विभागीय जांच की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट संबंधित अफसरों को भेज दी गई है।