मुखबिर ने बताया कि यह अशरफ है। संबंधित मकान में दबिश दी गई, लेकिन अशरफ मकान के पिछले गेट से भाग निकला, जबकि मौके से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अशरफ के चार संबंधी भी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अशरफ को भागने में मदद की। साथ ही यह भी बताया कि सभी अशरफ के कहने पर जुटे थे और जमीन बेचने के लिए कुछ किसानों को भी बुलवाया था।
यही नहीं अशरफ को मुकदमों से बचाने के लिए भी विचार विमर्श करना उनका मकसद था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक खाली वकालतनामा और डायरी बरामद हुई, जिसमें रुपयों के लेनदेन की बातें लिखीं थीं। धूमनगंज पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत दे दी गई।
गिरफ्तार आरोपी
अब्दुल रहमान उर्फ कमर, अब्दुल वाहिद फैजी, अब्दुल वासित उर्फ फैसल, अब्दुल समद उर्फ सद्दाम सभी निवासी हटवा कौशाम्बी (चारों अशरफ के साले हैं), इमरान अहमद निवासी शिवाला बम्हरौली, मो साकिब व नूर मोहम्मद निवासी चकिया, मो रिजवान निवासी गुलाबबाड़ी खुल्दाबाद।