फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : तक्षकतीर्थ के सौंदर्यीकरण की फाइल पर जमी धूल, टेंडर तक नहीं करा सका पर्यटन विभाग

Mon, 27 Nov 2023 12:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगमनगरी में सांस्कृतिक व पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए महाकुंभ 2025 के पूर्व प्राचीन मंदिरों में सहज दर्शन को श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इसमें तक्षक तीर्थ का विकास अहम है।
विज्ञापन
तक्षकतीर्थ प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाकुंभ-2025 के तहत पर्यटन विकास के मानचित्र पर संगमनगरी को उभारने की तैयारी है। साथ ही पर्यटन विकास के लिए यहां के पौराणिक व आध्यात्मिक मंदिरों का भी कायाकल्प होना है। इसी क्रम में तक्षकतीर्थ के सौंदर्यीकरण की योजना फाइलों में धूल फांक रही है। हालत यह है कि अभी तक इस पर काम शुरू होना तो दूर, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं कराई जा सकी है।

विज्ञापन


संगमनगरी में सांस्कृतिक व पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए महाकुंभ 2025 के पूर्व प्राचीन मंदिरों में सहज दर्शन को श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इसमें तक्षक तीर्थ का विकास अहम है। पौराणिक मान्यता के अनुसार तक्षकतीर्थ का जुड़ाव द्वापर युग से है। ऐसे में महाकुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को इसके दर्शन का लाभ दिलाने के लिए ही इसके विकास की तैयारी की गई है, लेकिन अभी तक परियोजना कागजों तक सिमटी हुई है।

तक्षकतीर्थ के विकास के अंतर्गत यहां पर मंदिर के मुख्य द्वार का भव्य निर्माण, पेयजल और शौचालय समेत सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी है। इसके अलावा मंदिर को और भव्य बनाने की तैयारी की गई है। महाकुंभ के तहत अक्तूबर 2024 तक इस परियोजना को पूरा किया जाना है, लेकिन अभी तक टेंडर तक नहीं हो सका है। ऐसे में समय से कार्य पूरा होने को लेकर आशंका बनी हुई है। हालांकि, इस बारे में पर्यटन विभाग के अधिकारी खुल कर नहीं बोल पा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

तक्षकेश्वर महादेव के दर्शन के बिना प्रयागराज की यात्रा अधूरी

प्रयागराज। अगर तक्षकेश्वर नाथ के दरबार में आपने हाजिरी नहीं लगाई तो तीर्थराज प्रयागराज की यात्रा और यहां के तीर्थों के दर्शन-पूजन का आपको फल नहीं मिल सकता। इसलिए यज्ञ भूमि पर तक्षकेश्वर का अभिषेक-पूजन अवश्य करना चाहिए।

यमुना किनारे दरियाबाद में स्थित तक्षकेश्वरनाथ की महिला वेद-पुराणों ने भी गाई है। पद्मपुराण में तक्षक तीर्थ का वर्णन है। मान्यता है कि यहां शिव धाम के दर्शन और पूजन से कई दोषों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। सावन में नागों के स्वामी तक्षक नाग के जलाभिषेक का विशेष महत्व है। मान्यता है कि रुद्रलोक के नागों के प्रमुख तक्षक की सावन मास में विधि पूर्वक उपासना करने से सभी दोषों और बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है।

तक्षकेश्वर नाथ मंदिर के पास यमुना नदी में तक्षकेश्वर कुंड भी है। पुराणों के अनुसार भगवान कृष्ण ने जब मथुरा से तक्षक नाग को खदेड़ा था, तब इसी कुंड में आकर उसने शरण ली थी। कहा जाता है कि सतयुग के शेषनाग, त्रेता के अनंतनाग, द्वापर में नागवासुकि और कलयुग में तक्षक नाग ही संकटों से पार लगाने वाले हैं।

कालसर्प दोष के निवारण के लिए किसी भी मास की शुक्लपक्ष की पंचमी के अलावा सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण या फिर विशेष तिथियों पर इस धाम में लोग आते हैं। माना जाता है कि इस तीर्थ की परिक्रमा और तक्षकेश्वर नाथ के दर्शन मात्र से राहु की महादशा, नागदोष एवं विषबाधा से मुक्ति मिल जाती है। - रविशंकर महाराज, पुजारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें