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मैडम जी : ऑपरेशन के दौरान एसआरएन के डॉक्टरों ने पेट में स्पंज छोड़ दिया, मौत होती तो कौन जिम्मेदार होता

Wed, 19 Mar 2025 11:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मैडम जी! आठ मार्च को डिलीवरी थी, एसआरएन में ऑपरेशन हुआ। कुछ दिनों बाद अचानक पेट में दर्द तो पता चला कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छोड़ दिया है। काफी तकलीफ हुई, फिर दोबारा ऑपरेशन कराया और स्पंज को बाहर निकलवाया।
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महिलाओं की समस्या सुनतीं महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मैडम जी! आठ मार्च को डिलीवरी थी, एसआरएन में ऑपरेशन हुआ। कुछ दिनों बाद अचानक पेट में दर्द तो पता चला कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छोड़ दिया है। काफी तकलीफ हुई, फिर दोबारा ऑपरेशन कराया और स्पंज को बाहर निकलवाया। ऐसे में अगर मेरी मौत हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता? यह पीड़ा नवाबगंज के गांव गुलाम का पुरवा की रहने वाली रन्नों प्रजापति की है।

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उप्र राज्य महिला आयोग की ओर से बुधवार को सर्किट हाउस में सदस्य गीता विश्वकर्मा के नेतृत्व में जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई शुरू होते ही महिला फरियादियों को बुलाया गया। रन्नों ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए बोला कि, पेट में स्पंज होने की बात पता चलने पर वह स्वरूपरानी अस्पताल पहुंची। आरोप लगाया कि यहां पर मौजूद डॉक्टरों ने सिर्फ दवा देकर वापस लौटा दिया।

पीड़ा अधिक होने पर सोरांव के उसरही गांव स्थित एक अस्पताल में डेढ़ लाख रुपये खर्च कर दोबारा ऑपरेशन कराया। मांग किया कि इलाज में खर्च हुए पैसे को वापस दिलाया जाए और लापरवाही करने वाली महिला डॉक्टर पर भी कार्रवाई की जाए। इसी बीच अतरसुइया, फूलपुर, मुट्ठीगंज आदि जगहों से कुल 11 महिलाओं ने अपनी पीड़ा सुनाई। वहीं, गीता विश्वकर्मा ने सुनवाई में मौजूद सभी अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को बिलकुल अनदेखा न करें। अगर कोई केस लंबित है तो तत्काल प्रभाव से उसका निस्तारण करें। इस दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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गांव के दबंग कर रहे जमीन पर कब्जा

प्रतापपुर के गोसैसीपुर निवासी मुन्नी देवी ने गुहार लगाई कि घर के पास हम लोगों की कुछ जमीन खाली पड़ी है। लेकिन, इस जमीन पर गांव में रहने वाले दबंगों की नजर है। जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत फूलपुर थाने में की। सीओ साहब मदद भी करते हैं, लेकिन जब पुलिस घर आती है तो ये दबंग धमकी देते हैं।

बेटी से दुष्कर्म का प्रयास, नहीं सुन रही पुलिस..

नवाबंगज थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने गुहार लगाई कि 18 फरवरी 2025 को दुकान पर उनकी 14 वर्षीय बेटी अकेली थी। इस दौरान पड़ोसी युवक आया और जबरन बेटी को खींचकर ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया। इसकी शिकायत नवाबगंज पुलिस को दी, लेकिन केस दर्ज करने बजाए पुलिस समझौता का दबाव बना रही है।

पुलिस ने दर्ज कर दिया झूठा मुकदमा

कीर्ति केसरी ने कहा कि वह मुट्ठीगंज की रहने वाली हैं। फूलपुर के गांव हरभानपुर में उनकी पुश्तैनी जमीन है। इस जीमन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। दबंगों ने पुलिस की मिलीभगत से फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया कि घर में घुसकर मारपीट की गई है। इस मारपीट में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। मुकदमा पूरी तरह से झूठा है।

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सिंचाई विभाग का वरिष्ठ सहायक करता है अश्लील टिप्पणी

शिवकुटी थाना क्षेत्र निवासी महिला ने गुहार लगाई कि सिंचाई विभाग में कार्यरत वरिष्ठ सहायक रुपेश पांडेय आए दिन अश्लील टिप्पणी व रास्ते में रोक कर गलत काम करने का दबाव बनाता है। कई बार विभाग में शिकायती प्रार्थना पत्र दे चुकी हूं। थाने में एफआईआर भी दर्ज हैं, लेकिन विभागीय कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।

सोरांव के सीएचसी पर क्या कार्यवाही हुई?

नवंबर 2024 में सोरांव के सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुपम द्विवेदी का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह डाटा ऑपरेटर सुष्मा मौर्या से अभद्रता से बात करते हुए दिखाई दिए। एक दिसंबर 2025 को महिला जनसुनवाई में इंसाफ की गुहार लगाई गई थी। जिसके बाद मामले की रिपोर्ट बनाने का आदेश दिया गया था। इसे लेकर सदस्य गीता विश्वकर्मा ने डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके पांडेय ने पूछा कि मामले में क्या कार्यवाही हुई है। इस पर डॉ. वीके ने जवाब दिया कि आगे से ऐसा नहीं करने के लिए चेतावनी दी गई है।

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