जांच रिपोर्ट को परवीन ने दी थी चुनौती
परवीन जांच से संतुष्ट नहीं हुई। वह हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देती हैं। वहां जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने राजा भैया को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि सीबीआई ने उनसे जुड़े तथ्यों पर ठीक से जांच नहीं की। साथ ही पुलिसवालों पर भी सवाल किया कि जियाउल हक को अकेला छोड़कर कैसे चले गए। किसी और पुलिसवाले को कोई चोट क्यों नहीं आई।
इस चिट्ठी के मिलने के बाद परवीन ने इसे आधार बनाया और जांच की मांग की। परवीन एक और आरोप लगाती हैं। वह कहती हैं कि मेरे पति अवैध खनन की भी जांच कर रहे थे। जिसमें राजा के लोगों के नाम शामिल थे। परवीन कोर्ट गईं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- परवीन अफवाहों पर बात कर रही हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मान्यता दे दी।
यह सब दिसंबर, 2022 में हुआ। राजा भैया इस वक्त विधायक हैं। इस मामले में उनके साथ आरोपी बनाए गए गुलशन यादव अब उनके साथ नहीं हैं। अब उनके प्रतिद्वंदी बन चुके हैं। बाकी के सारे आरोपी जेल में बंद हैं। अब देखना होगा कि 90 दिन बाद इस मामले में सीबीआई जो रिपोर्ट पेश करेगी, उसमें क्या होगा।