बी-52 स्ट्रैटोफोट्रेस युद्धक विमान
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बमरौली एयरपोर्ट के सौ मीटर के दायरे में एक भी मकान नहीं होगा। यहां बने मकानों को गिराया जाएगा। जिला प्रशासन ने पुलिस, एडीए और एयरफोर्स प्रशासन के साथ इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। एयरपोर्ट के आसपास सौ मीटर के दायरे में हुए सर्वे 10 मकान चिह्नित किए गए हैं।
सभी मकानों के मालिकों को एडीए ने धारा 27 के तहत अवैध निर्माण का नोटिस भी जारी कर दिया। इससे यहां रहने वालों में हड़कंप है। शनिवार को इन्हें जवाब देना था। इसके लिए कुछ लोगों ने एडीए में जोनल अफसर से मुलाकात भी की लेकिन कोई लिखित जवाब नहीं दिया। अब एडीए ने उन्हें 15 दिन में स्वयं मकान गिराने की मोहलत दी है। इसके बाद जिला प्रशासन एडीए, पुलिस और एयरफोर्स के साथ यहां कार्रवाई करेगी। मकानों को गिराने के साथ हर्जाना भी वसूला जाएगा।
एयरपोर्ट के सौ मीटर के दायरे में मकान बनाने और ऊंचे पेड़ों पर प्रतिबंध है। केंद्र सरकार इस संबंध में समय-समय पर आदेश भी जारी करता है। हाल ही में केंद्र ने इस पर सख्ती से कार्रवाई का आदेश दिया। प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए अफसरों को आवश्यक कदम उठाने की हिदायत दी। इसी क्रम में बमरौली एयरपोर्ट के आसपास भी कार्रवाई शुरू हुई, क्योंकि बमरौली एयरपोर्ट के विस्तार की भी योजना है, ताकि यहां से ज्यादा उड़ानों का संचालन हो सके। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण भी किया गया है।
इस बीच जिला प्रशासन, पुलिस, एडीए और एयरफोर्स की संयुक्त टीम ने 23 अप्रैल को एयरपोर्ट के सौ मीटर के दायरे में मकानों का सर्वे हुआ। इसमें पीपल गांव एवं रहिमापुर में एयरपोर्ट के सौ मीटर के दायरे में 10 मकान चिंह्नित किए गए, जिसमें नौ मकान एक मंजिल के हैं जबकि एक प्लाट पर तीन दुकानें बनी हुईं हैं। मकान चिह्नित होने के बाद एडीए ने उसी दिन सभी को अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया और 30 अप्रैल को जवाब देने के लिए कहा।
शनिवार को वहां से दर्जनभर से अधिक लोग एडीए में जेडओ से मिले। अपना पक्ष रखा। इसके बाद उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह के निर्देश पर सभी को 15 दिन में स्वयं मकान गिराने का फरमान जारी कर दिया गया। इस बीच ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किया जा रहा है। जेडओ के मुताबिक तय समय तक मकान न गिराने पर एडीए जिला प्रशासन एवं पुलिस के साथ मिलकर यहां कार्रवाई करेगा। इस दौरान मकान मालिकों से हर्जाना भी वसूला जाएगा।