नगर निगम में आउटसोर्सिंग ड्राइवरों की हड़ताल से मंगलवार को शहर भर में कूड़ा नहीं उठा। वर्कशाप और निगम परिसर में खड़ी गाड़ियों के चक्के नहीं हिले। अतिक्रमण और आवारा जानवरों को पकड़ने का अभियान भी बाधित हुआ। नाराज ड्राइवरों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया फिर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
वाहन चालकों की हड़ताल से शहर भर में कूड़ा उठाने का काम लगभग ठप रहा। दोपहर बाद कुछ लोगों को लगाकर मुख्य सड़कों से कूड़ा हटवाया गया लेकिन गंदगी पसरी रही। वहीं सोमवार को फोर्स न मिलने तो मंगलवार को ड्राइवर न मिलने से अतिक्रमण अभियान नहीं चला। कैटिल वैन के चालकों के भी आंदोलन में शामिल होने के कारण आवारा जानवर नहीं पकड़े जा सके। वर्कशाप प्रभारी अजय सक्सेना ने बताया कि गाड़ियां नहीं निकलीं।
नगर निगम मुख्यालय में जुटे वाहन चालकों ने मांगों को पूरा कराने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए चालक बकाया पारिश्रमिक और ईपीएफ भुगतान-जमा की जानकारी चाह रहे थे। मामला वर्ष 2014 से अब तक का है। साथ ही नियमित मानदेय भुगतान की मांग भी उठाई। नगर आयुक्त कार्यालय के सामने जुटे आउटसोर्सिंग चालकों ने मांगों से संबंधित पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। नगर आयुक्त रवि रंजन ने मामले में जांच और निस्तारण का निर्देश दिया है।