डॉ. विक्रम ने कहा कि फीस वृद्धि का मुद्दा कुलपति से जोड़कर न देखा जाए। कई देशों में शिक्षा मुफ्त दी जाती है तो भारत में क्यों नहीं। यहां शिक्षा का बाजारीकरण किया जा रहा है और विश्वविद्यालयों पर अपने संसाधन जुटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम ने फीस वृद्धि के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। वह बृहस्पतिवार को छात्रसंघ भवन के सामने जारी अनशन में भी शामिल हुए।
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डॉ. विक्रम ने कहा कि फीस वृद्धि का मुद्दा कुलपति से जोड़कर न देखा जाए। कई देशों में शिक्षा मुफ्त दी जाती है तो भारत में क्यों नहीं। यहां शिक्षा का बाजारीकरण किया जा रहा है और विश्वविद्यालयों पर अपने संसाधन जुटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह गलत है और वह इसका विरोध करते हैं। इसके साथ ही प्रगतिशील पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुशवाहा ने भी फीस वृद्धि के खिलाफ जारी आंदोलन को अपना समर्थन दिया।