मोबाइल लॉक, खुलवाया नहीं जा सका
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कार से डॉक्टर का मोबाइल बरामद हुआ। हालांकि यह लॉक था। काफी प्रयास के बाद भी इसे खुलवाया नहीं जा सका। फिलहाल पुलिस इसे अनलॉज कराने के प्रयास में जुटी है। दरअसल मोबाइल की जांच पड़ताल से यह पता चल सकता है कि उनकी आखिरी बार किससे और कितने बजे बात हुई। इसके आधार पर जांच में कुछ अहम बिंदुओं की जानकारी मिल सकती है।
टेलीकॉम कंपनी से मांगी गई कॉल डिटेल रिपोर्ट
घटना से पहले डॉक्टर की किन लोगों से और कितनी देर बात हुई, इसकी पड़ताल के लिए उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाने के लिए पुलिस ने टेलीकॉम कंपनी से संपर्क साधा है। फिलहाल रविवार का दिन होने के कारण सीडीआर नहीं मिल सकी। अफसरों का कहना है कि सीडीआर से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
भाई का शव देख बदहवास हुई बहन, मोर्चरी में कोहराम
डॉक्टर कार्तिकेय की बहन पीपीएस अफसर अदिति श्रीवास्तव दोपहर में पति दीपक के साथ मर्चरी पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद भाई का शव देखते ही वह बदहवास सी हो गईं। शव से लिपटकर वह फूट-फूटकर रोईं। उनकी हालत देख वहां मौजूद रिश्तेदारों की आंखों में भी आंसू आ गए। वह रोते-रोते यही कहती रहीं कि भगवान यह क्या हो गया। अदिति बिजनौर में जेल अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। यह भी बात सामने आई कि शनिवार सुबह ही वह भाई व माता-पिता से मिलकर बिजनौर गई थीं। दरअसल वह मिर्जापुर स्थित अपने ससुराल से लौटी थीं। उधर बेटे की मौत से पिता कृष्ण कुमार श्रीवास्तव गहरे सदमे में रहे।
रसूलाबाद घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में डॉक्टर का शव रसूलाबाद घाट पर ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में साथी डॉक्टर भी मौजूद रहे। उधर कोतवाली एसीपी मनोज कुमार सिंह के साथ शिवकुटी थाने की फोर्स भी मौजूद रही।