फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कीर्तिमान : सोरांव की बेटी रेशमा का सोने पर कब्जा, इंडियन ओपन एथलेटिक्स में किया कारनामा

Mon, 30 Sep 2024 02:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सोरांव के नहर ददौली के तिली का पूरा की रहने वाली रेशमा (20) प्रतियोगिता में सबसे कम की खिलाड़ी थीं। रेशमा, अंतरराष्ट्रीय एथलीट और यूथ ओलंपियन इंद्रजीत पटेल की छोटी बहन है। पिता विजय बहादुर पटेल व मां निर्मला पटेल ने गांव में मिठाई बांट कर बेटी की जीत का जश्न मनाया। रेशमा वर्तमान में वाराणसी में उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा दे रहीं हैं।

विज्ञापन
रेशमा पटेल, एथलेटिक्स। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पटना के पाटिलपुत्र स्टेडियम में चल रही फोर्थ इंडियन ओपन अंडर-23 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सोरांव की बेटी रेशमा पटेल ने वॉक रेस में सोने पर कब्जा जमाया है। 20 किलोमीटर की वॉक रेस तय करने में रेशमा को एक घंटा 44 मिनट 37 सेकंड का समय लगा। वहीं, राजस्थान की निकिता लांबा ने दूसरा और मध्य प्रदेश की प्रमिला सज्जनवार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

विज्ञापन


सोरांव के नहर ददौली के तिली का पूरा की रहने वाली रेशमा (20) प्रतियोगिता में सबसे कम की खिलाड़ी थीं। रेशमा, अंतरराष्ट्रीय एथलीट और यूथ ओलंपियन इंद्रजीत पटेल की छोटी बहन है। पिता विजय बहादुर पटेल व मां निर्मला पटेल ने गांव में मिठाई बांट कर बेटी की जीत का जश्न मनाया। रेशमा वर्तमान में वाराणसी में उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा दे रहीं हैं।

विज्ञापन

14 साल में की थी नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी

रेशमा ने 14 साल की उम्र में अंडर-16 के नेशनल रिकॉर्ड की बराबरी की और फिर इसके बाद अंडर-19, अंडर-20 का भी नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया। 2019 में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुंटूर में 3000 मीटर में गोल्ड मेडल, 2021 में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स गुवाहाटी में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके अलावा 2021 में फेडरेशन कप में नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण व इसी वर्ष चौथी इंटरनेशनल वॉक रेसिंग रांची में भी स्वर्ण पदक रेशमा ने जीता था।

एशियन गेम्स और ओलंपिक में है मेडल जीतना : रेशमा

पदक जीतने के बाद रेशमा ने कहा कि सफलता को हासिल करने की एकमात्र कुंजी है, निरंतरता। खेल कोई भी हो, अगर खिलाड़ी लगातार अभ्यास करता रहे तो सफलता जरूर मिलेगी। मेरा अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में मेडल जीतना है।

संघर्षों भरा रेशमा का सफर

रेशमा की मार्च 2022 में पैर की सर्जरी हुई थी। उस समय भाई इंद्रजीत उनके जीवन में आशा की किरण बनकर उभरे। अभी वह अपने भाई से ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें