prayagraj news : Dr. Ak Bansal (File Photo)
- फोटो : prayagraj
शहर 12 जनवरी 2017 की तारीख कभी नहीं भूल सकता। नामचीन डाक्टर और जीवन ज्योति अस्पताल के मालिक डा. बंसल अपने चैंबर में मरीजों को देख रहे थे। उसी समय शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी। घटना से पूरे शहर में तहलका मच गया था। जीवन ज्योति के आस पास इतनी भीड़ हो गई थी कि कई थानों की फोर्स को वहां तैनात करना पड़ा था। शहर में दो दिन तक अफरातफरी का माहौल था।
कीडगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन पुलिस चार साल तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। चार साल तक पुलिस यह तक नहीं पता लगा पाई थी कि बंसल की हत्या करने वाले शूटर कौन हैं? जबकि उनकी सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास थी। डीजीपी के निर्देश पर स्पष्ट स्केच बनवाया गया था। विवेचक बदलते रहे। वे इस बात का इंतजार करते रहे कि मामला सीबीआई को चला गया और उनकी जान छूटे।
Prayagraj News : Dr. AK Bansal file photo
- फोटो : prayagraj
एसटीएफ भी शुरू से ही इस मामले में लगी लेकिन एसटीएफ को भी कोई सफलता नहीं मिल रही थी। डा. बंसल की पत्नी डा. वंदना बंसल ने सरकार से गुहार लगाई थी कि पुलिस खुलासा नहीं कर पाई रही तो मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाय। अंत में सीबीआई जांच की संस्तुति भी की गई। हालांकि सीबीआई जांच शुरू होने से पहले ही एसटीएफ ने अप्रैल महीने में प्रतापगढ़ के शूटर शोएब को पकड़कर बंसल हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इसके बाद आलोक को नामजद करते हए उस पर 50 हजार का इनाम घोषत किया गया था।
शूटर यासिर की हो चुकी है हत्या, मकसूद और अबरार मुल्ला की तलाश
नैनी जेल में आलोक ने अख्तर कटरा से शूटर मुहैया कराने को कहा था। बात 70 लाख में तय हुई। प्रतापगढ़ के अबरार मुल्ला ने शोएब, यासिर और महमूद को हत्या के लिए तैयार कर लिया। चारों कई बार रेकी के लिए जीवन ज्योति और आस पास के इलाकों में भी गए। घटना वाले दिन शोएब, यासिर और मकसूद ही जीवन ज्योति गए थे। हत्या के बाद तीनों वहां से आसानी से भाग निकले। एसटीएफ ने 5 अप्रैल 2021 को प्रतापगढ़ के शोएब को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था। यासिर की हत्या हो चुकी है। शूटर मकसूद बचा हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है। उसके अलावा मध्यस्थता करने वाले अबरार मुल्ला की भी पुलिस को तलाश है।