लंबे समय से भ्रष्टाचार में लिप्त प्रयागराज के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज राव को सरकार ने आखिरकार निलंबित कर दिया है। मनोज राव को गंभीर प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितता के अलावा अधीनस्थों के उत्पीड़न की शिकायतों की वजह से निलंबित किया गया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है।
मनोज को डीएम कौशाम्बी के कार्यालय से संबद्ध करते हुए उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए अपर निदेशक वित्त अधिकारी दिलीप कुमार अग्रवाल और उप निदेशक कमलेश गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। गोंडा व प्रयागराज में तैनाती के दौरान मनोज पर कई तरह के गंभीर आरोप लगे थे। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है, लेकिन अपनी पहुंच के बल पर उन्होंने कई वर्षों से जांच को दबाए रखा।
अमर उजाला ने मनोज राव के भ्रष्टाचार का बहुत पहले ही खुलासा किया था। इसके बाद इनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हुई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन ने मनोज को निलंबित करते हुए आरोपपत्र भी दिया है। इसमें मनोज द्वारा वित्तीय लाभ लेने के लिए परियोजनाओं से संबद्ध वाहनों का अवैध तरीके से भुगतान करने के अलावा अधीनस्थ बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) स्मृति कुमार सिंह, अजय कुमार, विमलेश कुमार व सोम प्रकाश तिवारी आदि के खिलाफ दुर्भावनापूर्वक कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने, निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जैसी कार्रवाई करने का आरोप है।