अल्लापुर में डॉ. सुभाष चंद्र यादव की खुदकुशी के मामले में ब्लैकमेलिंग की आरोपी प्रेमिका चंद्रप्रभा यादव घटना वाले दिन आधी रात फरार हुई। नैनी स्थित जिस किराये के कमरे में वह रहती थी, वहां ताला लगाकर वह रात 12 बजे निकली थी। उधर, उसके करछना स्थित पैतृक घर पर भी दबिश दी गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
सूत्रों के मुताबिक, चंद्रप्रभा नैनी स्थित खरकौनी में किराये के मकान में रहती थी। जार्जटाउन पुलिस वहां पहुंची तो उसके कमरे में ताला लटका मिला। मकान मालिक ने बताया कि वह छह जुलाई की रात 12 बजे के करीब घर से निकली। साथ में एक और व्यक्ति था। माना जा रहा है कि यह उसका भाई शिवराज था। पूछने पर कहा कि वह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही है। इसके बाद से वह वापस नहीं आई।
उधर, जार्जटाउन थाने के एसआई मसीद खां टीम के साथ शनिवार को एक बार फिर उसके करछना के वीरपुर पैतृक घर पर पहुंचे, लेकिन वहां उसके मां-बाप भी नहीं मिले और घर में ताला लटका हुआ था। खास बात यह है कि घटना वाले दिन से वह ड्यूटी भी नहीं गई। पुलिस उसे खोजते हुए एसआरएन अस्पताल पहुंची तो पता चला कि वह बिना किसी सूचना के तीन दिन से ड्यूटी पर नहीं आ रही है। जार्जटाउन थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि महिला के साथ ही उसके भाई शिवराज की तलाश की जा रही है।