मुगरांव गांव की सुषमा यादव पर प्रधान रहते हुए शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी करने का आरोप सिद्ध होने के बाद डीएम से उन्हें पदमुक्त कर दिया है।
आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग में ईसीसी एजुकेटर के पद पर चयन हो जाने के बाद उन्होंने प्रधान पद से इस्तीफा दिए बिना ही दो दिसंबर 2025 को कंपोजिट विद्यालय मुगरांव में पदभार ग्रहण की थी।
तथ्य को छिपाकर सरकारी नौकरी के साथ ही प्रधान पद के दायित्व का भी निर्वाह किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्रधान की ओर से दिए गए साक्ष्य और तथ्यों का परीक्षण किए जाने के बाद प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाया गया।
ऐसे में डीएम ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के उपयोग पर रोक लगा दी थी। डीएम की ओर से अंतिम जांच अधिकारी के रूप में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित किया गया था। अंतिम जांच आख्या में लगाया गया उक्त आरोप सिद्ध हो जाने के बाद डीएम ने तत्काल प्रभाव से सुषमा यादव को ग्राम प्रधान पद से हटा दिया है।