एक तरफ जहां कच्चे माल की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, प्रयागराज-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर स्थित हरिसेनगंज में बनने वाले अनरसे की मिठास और मांग कम नहीं हुई है। जून से अ तक चलने वाले इस सीजनल कारोबार से यहां के करीब 25 से 30 परिवारों का साल भर का घर खर्च चलता है।
उत्तर भारत की प्रमुख मिठाइयों में शुमार अनरसा अपनी अलग पहचान और स्वाद के कारण महंगाई के बावजूद लोगों की जुबान पर बरकरार है। हरिसेनगंज बाजार अनरसा कारोबार का बड़ा केंद्र है।
यहां मध्य जून से अक्तूबर तक यानी करीब चार महीने, बड़े पैमाने पर अनरसा बनाया जाता है। गुड़, चावल और रिफाइंड तेल से तैयार होने वाला यह व्यंजन आसपास के जिलों के साथ-साथ मुंबई, दिल्ली, गुजरात तक मजदूरों के जरिए तोहफे के तौर पर पहुंचता है।
स्थानीय कारोबारी महेश चंद्र ने बताया कि वे लोग रोजाना करीब 10 से 12 क्विंटल अनरसा तैयार करते हैं। फुटकर में यह 100 से 120 रुपये किलो और थोक में 80 से 90 रुपये किलो बिकता है। सस्ता और स्वादिष्ट होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की यह पहली पसंद है।
मुंबई, दिल्ली और गुजरात में काम करने वाले कामगार अक्सर लौटते समय 5 से 10 किलो अनरसा दोस्तों-रिश्तेदारों के लिए ले जाते हैं।
कारोबारियों के मुताबिक गुड़, रिफाइंड और चावल के दाम में भारी उछाल आया है, लेकिन अनरसे की कीमत उस अनुपात में नहीं बढ़ाई गई। इससे मुनाफा पहले जैसे नही रहा।
कारोबारी विजय ने बताया, इसी चार महीने की कमाई से बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह सब निपटता है। पहले जैसा मुनाफा अब नहीं रहा। फिर भी हरिसेनगंज के शिवशंकर केसरवानी, अमरनाथ केसरवानी, लल्लन, शिवबाबू मोदनवाल, भोलानाथ मोदनवाल, नन्हे मोदनवाल, बनारसीदास, मानिक चंद्र, अमित कुमार, शंभूनाथ, बद्रीनाथ, संतोष कुमार, नंदलाल समेत करीब दो दर्जन परिवार इसी कारोबार पर निर्भर हैं।
इन जिलों में होती है आपूर्ति
यहां बना अनरसा सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, भदोही, कौशाम्बी, फतेहपुर, मिर्जापुर समेत कई जिलों में इसकी आपूर्ति होती है। व्यापारी फोन पर ऑर्डर देकर माल मंगवाते हैं। अनुमान के मुताबिक जून से अक्तूबर के बीच हरिसेनगंज से 60 से 70 लाख रुपये का अनरसा कारोबार होता है।
कच्चा माल पहले की कीमत
वर्तमान रेट
गुड़ प्रति किलो- 40-45 -
60-70
रिफाइंड 15 लीटर- 1500-1600- 2200-2400
चावल प्रति क्विंटल- 1800-2200 - 2500-3000
नोट : कीमत प्रति किलो
हरिसेनगंज- तैयार अनरसा व अनरसा बनाता कारीगर