इसमें जीजा संजीव का जबड़ा फट गया तथा दो दांत भी टूट गए, सिर पर भी प्रहार किया गया। गर्भवती बड़ी बहन प्रतिभा पर भी लाठी डंडे से प्रहार किया गया। साथ ही उस पर भी लोहे की राॅड से हमला किया गया। पीड़िता का आरोप है कि उसके कटे हुए हाथ पर प्रहार किया गया तथा एक पैर, जिसमें दुर्घटना के बाद से राॅड पड़ी हुई है, पर भी प्रहार किया गया। सभी को गंभीर चोटें आईं। घटना के समय थरवई पुलिस मौजूद थी लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आरोप है कि शिकायत लेकर जाने पर थानाध्यक्ष लोकेन्द्र त्रिपाठी व अन्य पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए भगा दिया।
70 हजार रुपये लाने और रात मे 10 बजे के बाद आने को कहा। अगले दिन उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब हमलावर व साजिशकर्ता धमकी दे रहे हैं। इस मामले में थानाध्यक्ष लोकेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि आरोप निराधार हैं। युवती की मां का एक मकान को लेकर विवाद चल रहा है। इस मकान में पहले युवती का परिवार रहा करता था जिसे कोर्ट के आदेश पर खाली कराया गया। बाद में इसे किसी और ने खरीद लिया। इसी को लेकर दोनाें पक्षों में विवाद हुआ जिसमें युवती के परिवार पर दूसरे पक्ष ने एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।