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व्यवस्था में बदवाल पर नाराजगी : आज न्यायिक कार्य नहीं करेंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता

Tue, 10 May 2022 02:05 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर कई बार मुख्य न्यायमूर्ति को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया। समस्याओं का निस्तारण होने की बजाय यह बढ़ती गईं। महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन ने मुख्य न्यायमूर्ति से अनुरोध किया 48 घंटे में अधिवक्ताओं की समस्याओं पर विचार किया जाए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वादों की सुनवाई की व्यवस्था में बदलाव की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने राधाकांत ओझा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास कर लिया है। 

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बैठक में अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर कई बार मुख्य न्यायमूर्ति को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया। समस्याओं का निस्तारण होने की बजाय यह बढ़ती गईं। महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन ने मुख्य न्यायमूर्ति से अनुरोध किया 48 घंटे में अधिवक्ताओं की समस्याओं पर विचार किया जाए।

उन्होंने बताया कि अवध बार एसोसिएशन भी 10 मई को न्यायिक कार्य नहीं करेगी। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, धर्मेंद्र सिंह यादव, सत्यम पांडेय, श्यामा चरण त्रिपाठी, संजय सिंह सोमवंशी, यादवेश यादव, आशुतोष त्रिपाठी, उष्मा मिश्रा, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

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बार एसोसिएशन के मुख्य मुद्दे

- नए मुकदमों का दाखिले के बाद महीनों तक कोर्ट में न आना।
- फ्रेश व लिस्ट के मुकदमे की दो महीनों तक सुनवाई न होना।
- कोर्ट के आदेश के बावजूद नियत तिथि पर मुकदमे न लगना।
- रजिस्ट्री ऑफिस में दाखिल काउंटर एफिडेविट, रिजवाइंडर एफिडेविट, सप्लीमेंट्री एफिडेविट का निर्धारित समय पर कोर्ट में न आना।
- नई व्यवस्था एनआईसी के तहत मुकदमों की सूचना एसएमएस के माध्यम से समय पर न मिलना।
- सप्ताह से पूर्व में निस्तारित हो चुके मुकदमों के सूची में लगातार छपकर आने से अधिवक्ताओं व कोर्ट को हो रही असुविधा।
- बेंच का समय पर रोटेशन न होना।
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