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Team India : क्रिकेटर यश दयाल के टीम से बाहर होने पर शहर वासियों में निराशा, उम्मीद बरकरार

Sat, 26 Nov 2022 04:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मां राधा दयाल बोलीं उन्हें यह तो पता था कि यश को चोट लगी है, लेकिन वह टीम के साथ बंग्लादेश दौरे पर नहीं जा पाएगा इसका अंदाजा नहीं था। वह बचपन से ही क्रिकेट खेल रहा है, इसलिए हम सबका बस एक ही सपना है कि वह टीम इंडिया के लिए खेले।
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Prayagraj News : यश दयाल, क्रिकेटर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांग्लादेश दौरे से संगमनगरी के क्रिकेटर यश दयाल के बाहर होने पर शहर के क्रिकेट प्रेमियों में निराशा है। हर किसी को उस वक्त का बेसब्री से इंतजार था कि मो. कैफ की तरह नीली जर्सी में यश दयाल को भी देखें लेकिन उसके टीम से बाहर हो जाने से खेल प्रेमियों के दिल टूट गए। हालांकि, शहरियों के साथ परिवारवालों को भी भरोसा है कि यश फिर से फिट होगा और भारतीय टीम में खेलने का उसका सपना साकार होगा।

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शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत में यश के पिता चंद्रपाल दयाल भावुक होते हुए कहा कि यह खबर सुनकर मायूसी जरूर हुई, लेकिन वह भी एक क्रिकेटर रहे हैं। इसलिए खिलाड़ियों की चोट और उनके इस माहौल से वाकिफ हैं। वह पिता के साथ-साथ यश के कोच भी रहे हैं, इसलिए भरोसा है कि वह आईपीएल में एक बार फिर अपने प्रदर्शन से लोगों के दिलों को जीतेगा। उन्होंने कहा कि जब से यश के टीम से बाहर होने की सूचना मिली है उनके परिचित फोन कर उनसे यश का हाल ले रहे हैं। 

मां राधा दयाल बोलीं उन्हें यह तो पता था कि यश को चोट लगी है, लेकिन वह टीम के साथ बंग्लादेश दौरे पर नहीं जा पाएगा इसका अंदाजा नहीं था। वह बचपन से ही क्रिकेट खेल रहा है, इसलिए हम सबका बस एक ही सपना है कि वह टीम इंडिया के लिए खेले। यश मजबूत है, जल्द ही फिट होकर वापसी करेगा और हमें उसी लम्हे का इंतजार है। बहन भी बहुत फिक्रमंद है। बोली जैसे ही यश के टीम से बाहर होने की सूचना मिली उस दिन खाया भी नहीं गया। यश ने खुद उनसे बात की तब जाकर वह सामान्य हुई। 

बड़े पिताजी अस्पताल में भर्ती उन्हें नहीं दी सूचना
यश दयाल के बड़े पिताजी 72 वर्षीय प्रेमचंद्र दयाल वर्तमान समय में अस्पताल में भर्ती हैं, उनका आपरेशन होना है। अस्पताल में होने के बावजूद वह अपने वार्ड में टीवी से चिपके हुए हैं। वह चार दिसंबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और लगातार कहे जा रहे हैं कि चार दिसंबर को उनका बेटा यश भी नीली जर्सी में खेलेगा। हालांकि, यश के टीम से बाहर होने की सूचना उन्हें अबतक नहीं दी गई है। 
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नाना की थी सबसे बड़ी चाहत 
यश के परिवार के लोगों ने बताया कि यश को टीम इंडिया की जर्सी में देखने का सबसे बड़ा सपना उनके नाना मोतीलाल ने देखा था। वह खुद एक फुटबॉल खिलाड़ी थे, वह ही अपने साथ अपनी साइकिल पर यश को लेकर स्टेडियम तक जाया करते थे। उनका बस एक ही सपना था कि यश बड़ा होकर इंडिया टीम के लिए खेले। यश ने जब रणजी, मुश्ताक अली क्रिकेट खेला और आईपीएल के कैंप तक गया तो सबसे ज्यादा खुश वह ही दिखाई दिए। हालांकि यश के आईपीएल में खेलने से पहले ही जनवरी में उनका निधन हो गया। 


क्रिकेट प्रेमी डॉ. एसके राय का कहना है यश के खेल को देखने के लिए बेहद उत्साहित था, लेकिन यह मौका फिलहाल नहीं मिल पाया है। हालांकि पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही फिट होगा और टीम इंडिया के लिए खेलेगा। उसका आईपीएल में खेल वाकई लाजवाब था, मेरी शुभकामनाएं उसके साथ है। चंद्रपाल दयाल के दोस्त राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि चयन के बाद से ही चार दिसंबर को बेसब्री से था।


यश के पिता ऑफिस के साथी रहे हैं तो और भी ज्यादा लगाव है। उसकी चोट ने बुरी खबर जरूर दी है, लेकिन वह हिम्मत हारने वालों में से नहीं है, वह पूरे दमखम के साथ मैदान पर वापसी करेगा। यश के कोच कौशिक पाल और अमित पाल का कहना है कि तेज गेंदबाजों को अक्सर इस समस्या से जूझना पड़ता है। यश मजबूत खिलाड़ी है, वह इन हालातों को अच्छी तरह से समझता है। वह हर मैच को एक टास्क के रूप में लेकर खेलता है। वह दुगने जोश के साथ मैदान पर वापसी करेगा। यश के पास कमाल की स्विंग और पेस है। टीम इंडिया को ऐसे बॉलरों की जरूरत है। वह चोट से उबरेगा तो एक बार फिर टीम में वापसी करेगा और अपने शानदार प्रदर्शन से सबका दिल जीतेगा।
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