मनचाहे ठेकेदार को काम सौंपने का आरोप
मनमाने तरीके से जारी निविदा प्रक्रिया के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 23 नवंबर को सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निविदा प्रक्रिया को अंतिम रूप दिए जाने पर रोक लगाई थी। साथ ही विद्युत सुरक्षा निदेशालय से यह जानकारी तलब की थी कि ए श्रेणी ओर अनुमोदित ए श्रेणी एक ही है या अलग अलग है, लेकिन इस बीच पीडीए की ओर से निविदा खोल दी गई और मनचाहे ठेकेदार को काम भी सौंप दिया गया।
याची की ओर से अदालत में अवमानना प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, तो कोर्ट ने पीडीए के अधिकारियों को को तलब किया था। कोर्ट ने हाजिर हुए अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिया तो नाराज कोर्ट ने मंगलवार तक हलफनामे पर स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही याची ठेकेदारों की श्रेणियों के विवाद की स्थिति स्पष्ट करने के लिए मंगलवार को विद्युत सुरक्षा निदेशक को कोर्ट ने तलब किया है। कोर्ट में हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश की सूचना विद्युत सुरक्षा निदेशक को चौबीस घंटे के भीतर देने का निर्देश भी जारी किया है।