केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्रवाद, भाषावाद, प्रांतवाद और जातिवाद के नाम पर देश को तोड़ने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनेऊ पहनकर मंदिर-मंदिर घूमते हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का काम कुछ विरोधी शक्तियां कर रही है, विहिप इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि विहिप के रल की वामपंथी सरकार की दमनकारी नीति का विरोध करती है। इस मौके पर परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे भी मौजूद रहे।
पिछले दो दिनों से चल रही विहिप की केंद्रीय समिति की बैठक में संगठन विस्तार पर चर्चा की जा रही है। कहा जा रहा है कि देश के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों की ग्रामीण और शहरी स्तर पर टीम बनाई जाएगी।