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देवी के दरबार, भीड़ जुटी अपार 

Wed, 13 Apr 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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नवरात्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चैत्र नवरात्र में मंगलवार को भगवती के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा अर्चना की गई। कात्यायनी पूजन के साथ घरों-मंदिरों में कन्या पूजन और खिलाने का सिलसिला शुरू हुआ। शहर के प्रमुख शक्ति पीठों में मंगला आरती से लेकर निशा आरती के लिए भीड़ उमड़ रही है। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजे। निशान चढ़ाने को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। 
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मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में त्रिपुर सुंदरी भगवती ललिता का कात्यायनी स्वरूप में शृंगार हुआ। कोलकाता से आए सज्जाकाराें ने बहुरंगी फूलों से गर्भगृह और मां ललिता का मोहक शृंगार किया। घंटा, घड़ियाल शंख की मंगल ध्वनि के बीच महामंगला आरती हुई। शतचंडी यज्ञ में मानव कल्याण के निमित्त आहुतियां डाली गईं। मंदिर परिसर में मुंडन, कर्णछेदन जैसे संस्कार भी हुए। कन्याओं के पूजन के बाद उनको भोजन कराया गया। मध्यरात्रि में देवी की त्रिकाल आरती उतारी गई। व्यवस्था में अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर आदि जुटे रहे।

कल्याणी देवी मंदिर में देवी कल्याणी का चतुर्भुजी स्वरूप में हाथ में कमल, खड्ग एवं अभय मुद्रा, मोती के आभूषणों एवं फूलों से शृंगार अध्यक्ष सुशील पाठक एवं महामंत्री श्याम जी पाठक के निर्देशन में हुआ। कल्याणी का मनोहारी शृंगार देख श्रद्धालुओं भाव विभोर होते रहे। मंदिर परिसर में शतचंडी पाठ अभिषेक पूजन करने वालों का तांता लगा है। मंदिर के आसपास मेले का माहौल है। वहीं चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर के अष्टभुजी मंदिर, हनुमत निकेतन स्थित दुर्गा दरबार, कर्नलगंज कालीबाड़ी, कटरा कालीबाड़ी, चौफटका, समियामाई सहित देवी के विभिन्न मंदिरों में  दुर्गा सप्तशती, शतचंडी के पाठ हुए। बुधवार को भगवती के  सातवें स्वरूप कालरात्रि का पूजन होगा। 
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शक्तिपीठ अलोपीदेवी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के भी श्रद्धालुओं का तांता लगा। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ निशान चढ़ाया। प्रधान पुजारी शिवानंद पुरी की देखरेख में मंगला आरती हुई। देवी महिमा का गुणगान करने वाले भजन गूंजते रहे। भगवती अलोपशंकरी के पूजन-अर्चन का क्रम देर रात तक जारी रहा।  

सिविल लाइंस स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ में आचार्य कुशमुनि की देखरेख में तांत्रिक पद्धति से दशमहाविद्या के छठे स्वरूप मां त्रिपुर सुंदरी (भैरवी) का  पूजन अर्चन हुआ। इस मौके पर मंदिर की व्यवस्थापिका पूनम शुक्ल एवं मंदिर के दीक्षित साधक उपस्थित रहे। 
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