साथ ही कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय व असंज्ञेय दोनों आपराधिक मामलों को समझौते से समाप्त किया जा सकता है। इसलिए पक्षकारों के बीच समझौता सही है। लिहाजा, कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए याची के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द कर दिया।
आदेश की प्रति जिला जजों और डीजीपी को भी भेजी
कोर्ट ने आदेश की प्रति सभी जिला जजों व डीजीपी को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि झूठे मामले वास्तव में हुई घटना को चोट पहुंचा रहे हैं। न्याय प्रक्रिया पर संदेह पैदा कर रहे हैं। लोगों का भरोसा खत्म कर रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।