काॅरिडोर के अंतर्गत 15.42 करोड़ रुपये की लागत से चार बड़े मंदिर और 15 छोटे मंदिरों का निर्माण होना है। इसका काफी काम हो चुका है। भरद्वाज के अधिकतर हिस्से पर पहले अतिक्रमण था। उसे पूर्व में ढहाया जा चुका है।
भारद्वाज आश्रम कॉरिडोर निर्माण में बाधक बनी गुफा और दो मंदिरों को तोड़ दिया गया है। इस ध्वस्तीकरण का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इस कारण ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया दो दिन तक रुकी रही। बुधवार को पीडीए के जोनल अधिकारी माैके पर पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों को समझाकर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करवाई।
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काॅरिडोर के अंतर्गत 15.42 करोड़ रुपये की लागत से चार बड़े मंदिर और 15 छोटे मंदिरों का निर्माण होना है। इसका काफी काम हो चुका है। भरद्वाज के अधिकतर हिस्से पर पहले अतिक्रमण था। उसे पूर्व में ढहाया जा चुका है। अब निर्माण अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य में भूमिगत रास्ता और दो मंदिर बाधक थे। इसके तोड़ने के लिए ठेकेदार ने सोमवार को प्रक्रिया शुरू की थी, तब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे पीडीए की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची तो फिर विरोध शुरू हो गया। विरोध कर रहे लोगों ने बताया कि यह गुफा ढाई साै वर्ष पुरानी है। सरकारी अभिलेख में यह दर्ज है फिर भी इसे गिराया जा रहा है। माैके पर पहुंचे पीडीए के जोनल अधिकारी संजीव कुमार उपाध्याय ने बताया कि काॅरिडोर बनाने के लिए यह ध्वस्तीकरण पहले से तय था। अब नए सिरे से मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जो मंदिर तोड़े गए हैं, उसकी प्रतिमाएं नए मंदिरों में रखी जाएगी। वहां पर तोड़फोड़ की प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली। उन्होंने बताया कि इस ध्वस्तीकरण के बाद निर्माण प्रक्रिया तेज होगी।