घनी आबादी वाले मोहल्लों में ई-रिक्शे की वजह से लगने वाले जाम की वजह से अब तय हुआ है कि इनका संचालन शहर के व्यस्त इलाकों में न होने दिया जाए। मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने एडीएम सिटी, एसपी ट्रैफिक, एआरटीओ की संयुक्त टीम बनाने का निर्देश दिया है। इस टीम की जिम्मेदारी रहेगी कि घनी आबादी वाले इलाकों में ई रिक्शा न चले।
मंडलायुक्त कार्यालय में संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में बृहस्पतिवार को शहर में ई रिक्शा की वजह से घनी आबादी वाले इलाकों खासतौर से चौक क्षेत्र में जाम लगने का मामला उठा। इस पर मंडलायुक्त ने इलाहाबाद मंडल के सभी डीएम, एसएसपी, आरटीओ की संयुक्त टीम बनाकर ई-रिक्शा के रूट का निर्धारण करने का निर्देश उपायुक्त परिवहन को दिया। कहा कि अनाधिकृत रूप से निर्मित ई-रिक्शा के खिलाफ सघन कार्रवाई की जाए।
बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने एसपी ट्रैफिक को अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शों को जब्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान सीएनजी से संचालित होने वाले टेंपो-टैक्सी के बारे में भी पूछा गया। बताया गया कि अडानी ग्रुप द्वारा जैसे ही सीएनजी फिलिंग स्टेशन का प्रमाणपत्र सौंप दिया जाएगा वैसे ही शहर में सीएनजी वाले ऑटो, टेंपो, बसें आदि शुरू हो जाएंगी। कमिश्नर ने कहा कि सीएनजी स्टेशन बनने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलने वाले ऑटो और सिटी की बसें भी सीएनजी से लैस कर दी जाए।
मंडलायुक्त ने ऑटो-टेंपो के अलग-अलग रूट के निर्धारण कर उस पर रूट नंबर अंकित करने का भी आदेश दिया। कहा कि आरटीओ इसकी सूची एसपी ट्रैफिक को सौंपे। एसपी ट्रैफिक इसकी जांच करें। जो भी ऑटो-टेंपो अपने निर्धारित रूट से नहीं चलते उसे जब्त कर लिया जाए।