इससे यह इलाका ज्यादा संवेदनशील होता जा रहा है। इसके अलावा यहां वायरल फीवर से भी लोग बड़ी संख्या में संक्रमित हैं। स्थिति को देखते हुए सोरांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर सोमवार को विशेष अभियान चलाया। इसमें मलेरिया, डेंगू सहित मच्छर और जलजनित बीमारियों को नियंत्रण में लाने के लिए पायरेथ्रम कीटनाशक घोल का छिड़काव कराया गया। साथ ही फागिंग कराई गई।
इस दौरान ग्राम प्रधान की मदद से संक्रमित लक्ष्मीनारायण के घर का ताला खुलवाकर जांच की गई। पता चला कि कूलर, ड्रम, गमला आदि अनके पात्रों में जल एकत्रित था, उसमें अधिक मात्रा में लार्वा पाए गए। वहां पानी की निकासी बेहतर न होने से जल जमाव की स्थिति बनी हुई है। इसमें भी लार्वा पाए गए। इस पर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
इस्माइलगंज की स्थिति को देखते हुए डीएम ने मंगलवार को सीडीओ को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए है। इसके साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोरांव और मलेरिया विभाग की ओर से संयुक्त रूप से अभियान चलाने को कहा है। इसके अलावा जागरूकता के लिए हैंड बिल भी बांटे गए। इधर, शहर में सोमवार को शहर के कसारी-मसारी, चौफटका, दारागंज, मेडिकल कॉलेज क्षेत्र, तेलियरगंज, शंकरघाट, बैंकरोड टीचर कॉलोनी में एंटी लार्वा और चकिया, चौफटका के 68 घरों में, दारागंज के 47 घरों में पैराथ्रम स्प्रे का छिड़काव कराया गया।