आरोप है कि जीई कंपनी के सामने समीप बदमाशों ने उसके गहने छीनकर चलते टेंपो से फेंक दिया था। विक्रम से फेंके जाने के कारण वह कोमा में चली गई थी। मंगलवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बृहस्पतिवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने छात्रा रितिका को इंसाफ दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला। साथ ही छात्रा के परिजनों को न्याय दिलाने और हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग की गई। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। औद्योगिक क्षेत्र थाना महुवारी निवासी रितीका श्रीवास्तव हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक की छात्रा थी। बीते 29 सितंबर को वह कॉलेज के बाद घर के लिए टेंपो से निकली थी।
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परिजनों का आरोप है कि जीई कंपनी के सामने समीप बदमाशों ने उसके गहने छीनकर चलते टेंपो से फेंक दिया था। विक्रम से फेंके जाने के कारण वह कोमा में चली गई थी। मंगलवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार को परिजनों व ग्रामीणों ने मिर्जापुर राजमार्ग पर जाम लगाकर नैनी इंस्पेक्टर को हटाने, परिजनों को मुआवजा दिलाने को लेकर एसडीएम करछना को ज्ञापन सौंपा था।
पूर्व सभासद विनय जायसवाल बाबा के नेतृत्व में लोगों ने नैनी पोस्ट ऑफिस के समीप से कैंडल मार्च निकाला, जो बाजार, शंकर ढाल, सब्जी मंडी, मेवा लाल की बगिया, स्टेशन मार्ग से होते हुए पोस्ट ऑफिस पर समाप्त हुआ। मार्च में आशीष तिवारी, सत्यार्थ जायसवाल, निखिल गौर, आशीष यादव, विशाल जायसवाल, मोनू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संवाद
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कार्रवाई के नाम पर चालक को भेजा गया जेल
छात्रा रितिका श्रीवास्तव को टेंपो से फेंकने के मामले में पुलिस ने चालक व एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर चालक को जेल भेज दिया था। मंगलवार रात छात्रा की मौके बाद पुरानी एफआईआर में 304 आईपीसी की धारा बढ़ा दी गई, लेकिन एक माह में पुलिस केवल चालक को ही पकड़ सकी। विक्रम में कौन सवार था न पुलिस अभी तक उसकी जानकारी जुटा सकी है। जबकि कॉटन मिल से नैनी सरगम तक सभी चौराहे पर पुलिस के हाई क्वालिटी के कैमरे लगे हुए हैं।