इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर वार्ता के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की है। बार का कहना है कि इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर विस्तृत आदेश पारित कर सरकार को अधिवक्ता संगठनों से वार्ता कर निर्णय लेने के लिए कहा है। जिसके लिए विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा ने बार को पत्र भेजकर वार्ता के लिए सचिवालय में आमंत्रित किया है।
पत्र के जवाब में बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने विशेष सचिव कुमार राघवेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि उनके पत्र पर बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का मत है कि शासन की ओर से उच्च स्तरीय समिति गठित कर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार और अवध बार एसोसिएशन एवं शिक्षक संघों से वार्ता कर उचित निर्णय लिया जाए। बार का मानना है कि शिक्षा सेवा अधिनियम अनुपयोगी है तथा यह इलाहाबाद व लखनऊ दोनों के अधिवक्ताओं पर विपरीत प्रभाव डालने वाला है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा पारित शिक्षा सेवा अधिकरण अधिनियम के तहत अधिकरण की प्रधानपीठ लखनऊ में बनाने का निर्णय लिया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता और प्रदेश के शिक्षक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि अधिकरण अनुपयोगी है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने न्यायिक स्तर से संज्ञान लेते हुए सरकार को अधिकरण को अंतिम रूप देने से रोक दिया है और अधिवक्ता संगठनों से वार्ता के बाद ही निर्णय लेने के लिए कहा है।