महंत नरेंद्र गिरि के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया गया। इसमें फांसी लगाने के कारण दम घुटने से मौत की बात सामने आई है। उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट पर विसरा भी प्रिजर्व कर लिया गया है। हालांकि पुलिस अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं आई है। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
सुबह आठ बजे के करीब महंत का शव बाघंबरी मठ से पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। इस दौरान वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। एक सीओ के नेतृत्व में तीन थानों की फोर्स मौजूद थी। 8.15 बजे के करीब पांच डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम शुरू किया। इस दौरान उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले।
सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, महंत की मौत का कारण ‘एस्फिक्सिया ड्यू टू एंटी मॉर्टम हैंगिंग’ आया है यानी फांसी लगाने के कारण दम घुटने की वजह से उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम ने विसरा भी प्रिजर्व कर लिया।
करीब दो घंटे चली कार्रवाई
पोस्टमार्टम की कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली। इससे पहले मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। हालांकि उनका कहना था कि पोस्टमार्टम करने वाली टीम अलग है। वह सिर्फ व्यवस्था का जायजा लेने आए थे। सुरक्षा के लिए पोस्टमार्टम के दौरान मचरी के दोनों गेट बंद कर दिए गए थे। पोस्टमार्टम के बाद 10.15 मिनट पर शव को बाहर निकाला गया जिसके बाद सीधे शव बाघंबरी मठ ले जाया गया।