सूरज के परिजन रोते-बिलखते पहले मौके पर और बाद में चीरघर पहुंचे तथा शव की शिनाख्त की। परिजनों ने सूरज के हत्या की आशंका तो जताई लेकिन पुलिस को वजह नहीं बता सके। उधरी, जीआरपी चौकी इंचार्ज सुशील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हादसा लग रहा है। ऐसी आशंका है कि युवक को ट्रेन का धक्का लगा जिससे ट्रैक के किनारे गिरकर उसकी मौत हो गई। हालांकि असल वजह पीएम रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगी। मौके पर लोग भी भारी संख्या में जुटे रहे। बेटे की मौत से मां दुलारी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।
आखिर कौन दोस्तों के साथ रात को निकला था सूरज
झूंसी। नैका गांव निवासी सूरज की मां दुलारी देवी ने बताया कि शाम को तकरीबन पांच बजे वह अपने किसी दोस्त की बाइक लेकर घर आया था। कुछ देर बाद वह वही बाइक लेकर दोबारा निकल गया। पता चला है कि वह अपने कुछ दोस्तों के साथ रात तकरीबन दस बजे तक इलाके में देखा गया था। इसके बाद वह कैसे और क्यों झूंसी रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इन सवालों के जवाब परिजनों के पास भी नहीं है। परिजनों को शक है कि किसी न उसकी हत्या करने के बाद शव को रेलवे ट्रैक के किनारे छोड़ दिया। ताकि पूरा घटनाक्रम एक हादसा लगे। देर शाम तक परिजनों की ओर से पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के बाहर मिला राजगीर का शव
सोमवार को क्षेत्र के चंपतपुर गांव के बाहर गांव के एक वृद्ध राजगीर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना क्षेत्र के चंपतपुर गांव निवासी काशी प्रसाद बिंद (62) राजगीर का काम करते थे। परिजनों के अनुसार वह रविवार की रात वे किसी काम से पास के गांव बगबना गए थे। रात नहीं लौटे तो परिजनों ने भोर से खोजबीन शुरू की।
परिवार के लोग वृद्ध को खोज ही रहे थे कि गांव के कुछ लोगों ने आकर बताया उनका शव गांव के बाहर सड़क पर पड़ा है। परिजन भाग कर पहले तो देखा कि उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। घर में वृद्ध के मौत की सूचना पहुंची तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची घूरपुर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लोगों को आशंका है कि रात में घर लौटते समय वे आवारा साड़ के हमले से घायल हो गए थे, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
गांव के कुछ लोगों ने बताया कि भोर में वे घायल पड़े कराह रहे थे, कुछ लोगों ने उठाने का प्रयास किया लेकिन उठ नहीं पाए। जिसपर लोगों ने परिजनों को सूचना दी जब-तक परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचते राजगीर की मौत हो चुकी थी। मृतक का एक बेटा त्रिफला प्रसाद बिंद और एक बेटी है।बेटी की शादी हो चुकी है, पत्नी संतरा देवी और बेटा-बहू के साथ गांव में ही रहते थे। उनकी मौत से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।