त्योहारों से पहले कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना के तीन नए संक्रमित चिह्नित किए गए हैं। इससे पहले बुधवार को 20 दिन बाद तीन नए पॉजिटिव मिले थे। संक्रमितों की बढ़ी संख्या का कारण लोगों की लापरवाही मानी जा रही है। इसके साथ ही प्रशासन और पुलिस ने भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी है। लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो एक बार फिर भयावह स्थिति बन सकती है।
अक्तूबर के महीने में कोरोना के नए संक्रमित का औसत प्रतिदिन एक का रहा। छह और नौ अक्तूबर को दो-दो नए संक्रमित पाए गए। कई दिनों तक जिला नए संक्रमितों से शून्य भी रहा। अचानक बुधवार को संक्रमितों का आंकड़ा तीन पर पहुंच गया। बृहस्पतिवार को भी तीन नए लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। कोरोना की दूसरी लहर से पहले मार्च में होली के मौके पर इसी तरह अचानक संक्रमितों की संख्या बढ़ी थी। बाद में संक्रमण भयावह स्थिति में पहुंचा था।
जिला स्र्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. एके तिवारी के मुताबिक 48 घंटों में छह नए पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। अब दिवाली से पहले ही विशेष सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को 3699 लोगों की कोरोना जांच की गई। स्वस्थ होने वाले एक व्यक्ति ने होम आइसोलेशन पूरा किया है।
अटाला में एक ही परिवार को दो सदस्य संक्रमित
बृहस्पतिवार को जिन तीन लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, वे सभी शहर के रहने वाले हैं। इनमें दो अटाला के रहने वाले हैं और एक ही परिवार के हैं। अफसरों के मुताबिक संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का विवरण जुटाया जा रहा है। सभी को क्वारंटीन रहने को कहा गया है। संक्रमितों के परिवारीजनों की कोविड जांच कराई जाएगी। सभी के घर शुक्रवार को टीमें भेजी जाएंगी।
त्योहारों पर 30 टीमें करेंगी कोरोना जांच
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके तिवारी के मुताबिक कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। दिवाली पर 30 टीमें कोरोना जांच करेंगी। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों की अनिवार्य रूप से कोरोना जांच कराई जाएगी। इसके लिए जांच टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। लोगों को कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। अपील की जाएगी कि भीड़ से बचें और अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं। बार-बार हाथ धोने को आदत में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि अक्तूबर में कोविड संक्रमित ही कम नहीं हुए एक्टिव केस न्यूनतम स्तर पर आ गए। अब सतर्कता से ही बचाव संभव है।
मास्क लगाने में लापरवाही, सतर्कता है जरूरी
सीएमओ डॉ. नानक सरन, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके तिवारी के मुताबिक मास्क लगाने में लापरवाही साफ दिख रही है। सड़क, गली, बाजारों, अस्पतालों में लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। कोविड से बचाव को सतर्कता बेहद जरूरी है। संक्रमण कम हुआ है, समाप्त नहीं, इसलिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। मास्क लगाने में लापरवाही कोरोना संक्रमण का शिकार बना सकती है। संक्रमण से बचने लिए सभी को अनिवार्य रूप से मास्क लगाने के साथ दो गज दूरी के निर्देश का पालन करना होगा।
डेंगू के आठ नए मरीज, अब तक 471 संक्रमित
अचानक बदले मौसम में डेंगू संक्रमितों की संख्या बृहस्पतिवार को कई दिन बाद आठ पर टिकी है। मेडिकल कॉलेज में हुई एलाइजा जांच के आधार पर आठ नए लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू के 471 संक्रमित चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें 332 शहरी तथा 139 ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। उन्होंने बताया कि साउथ मलाका में दो तथा कोरांव, शंकरगढ़, छोटा बघाड़ा, मुट्ठीगंज, एलनगंज, आजाद नगर में एक-एक संक्रमित पाए गए हैं। प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है।