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सावन के प्रथम सोमवार को शिवालयों में उमड़ी भीड़, हर तरफ हर-हर बम-बम की गूंज

Mon, 26 Jul 2021 11:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • सावन के प्रथम सोमवार पर शिव के रंग में रंगी संगमनगरी, मनकामेश्वर में भीड़ के आगे टूटा कोविड प्रोटोकॉल
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prayagraj news : सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते भक्त। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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सावन के प्रथम सोमवार पर संगमनगरी शिवमय हो गई। संगम के अलावा गंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भीड़ की वजह से कोविड प्रोटोकॉल ध्वस्त हो गया। मनकामेश्वर महादेव मंदिर में लंबी कतार लगी रही। इस दौरान संगम में बड़ी संख्या में भक्तों ने पुण्य की डुबकी लगाई और शिव मंदिरों में हर हर महादेव के जयकारों के साथ जलाभिषेक किया।

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prayagraj news : सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते भक्त। - फोटो : prayagraj
भगवान शिव के प्रिय सावन माह के पहले सोमवार पर संगम नगरी शिव के रंग में रंग गई। संगम से शिवालयों तक हर तरफ भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। संगम के अलावा रामघाट और दशाश्वमेध घाट पर भोर से ही सावन की डुबकी लगने लगी। शिव मंदिरों में भी इस मौके पर विशेष तैयारियां की गई थीं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ शिव मंदिरों में उमड़ पड़ी। भोर से देर शाम तक शिवालयों में जलाभिषेक होता रहा।

prayagraj news : शिवलिंग पर जलाभिषेक करते भक्त। - फोटो : prayagraj
यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भोर में ही भक्तों की भीड़ लग गई। बैरहना -नैनी मुख्य मार्ग से मंदिर जाने वाली सड़क पर भक्तों का तांता लगने से कोविड प्रोटोकॉल के मायने नहीं रह गए। अधिकांश लोग बिना मास्क के ही धक्कामुक्की करते मंदिर पहुंच रहे थे। हाथों में जल लिए भक्त अपनी बारी के इंतजार में कतारबद्ध होकर आगे बढ़ते रहे। भोर से शुरू जलाभिषेक भोग आरती के समय दोपहर करीब 12 बजे सिर्फ 15 मिनट के लिए स्थगित रहा। इसके बाद फिर कतार में लगे श्रद्धालु मनकामेश्वर के दरबार में बढ़ने लगे। रात 12 बजे तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चला। इस दौरान मंदिर के महंत श्रीधरानंद अन्य पुजारियों और सेवादारों के साथ सहज दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था में लगे रहे।

prayagraj news : मनकामेश्वर मंदिर में पूजन के लिए लगी भक्तों की लंबी कतार। - फोटो : prayagraj
अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी भोर से ही जलाभिषेक आरंभ हो गया। यहां भी पुरूष और महिलाओं की अलग-अलग लाइन लगी रही। एक तरफ जलाभिषेक होता रहा, दूसरी ओर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक भी हो रहा था। रात 10 बजे रंग-बिरंगे फूलों से सोमेश्वर महादेव का शृंगार किया गया। इसी तरह भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी दिन भर भक्तों की भीड़ मनोकामना पूर्ति के लिए हाजिरी लगाने पहुंचती रही। शहर के अन्य शिवालयों में भोर से ही भोले नाथ को जल चढ़ाने और मनोरथ पूर्ण करने के लिए पूजा-आरती करने वालों की भीड़ शुरू हो गई। शाम को भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। सिविल लाइंस स्थित शिवमंदिर, तक्षकेश्वर नाथ महादेव मंदिर, नागवासुकि मंदिर और दशाश्वमेध ब्रह्मेश्वर मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही।

prayagraj news : मनकामेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लगी भक्तों की कतार। - फोटो : prayagraj
रजत आभूषणों से सजी मनकामेश्वर महादेव की शृंगार झांकी
सावन के प्रथम सोमवार को मनकामेश्वर महादेव की चांदी के आभूषणों से शृंगार झांकी सजाई गई। इसमें रजत नाग से सुसज्जित मनकामेश्वर महादेव का रंग-बिरंगे फूलों से मोहक शृंगार किया गया था। महंत श्रीधरानंद ने सैकड़ों भक्तों और सेवादारों की मौजूदगी में रात 10 बजे आरती उतारी। इससे पहले भोर में चार बजे मंगला आरती के साथ ही बाबा का दर्शन आरंभ हो गया था।

बाघंबरी मठ में बाघंबरेश्वर महादेव की सजी झांकी
बाघंबरी गद्दी मठ में सावन के पहले सोमवार पर बाघंबरेश्वर महादेव का भव्य शृंगार किया गया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बाबा का अभिषेक करने के बाद आरती की।
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prayagraj news : सावन के पहले सोमवार को शिवमंदिर में उमड़ी भीड़। - फोटो : prayagraj
सावन के प्रथम सोमवार पर भोले गिरि मंदिर में कोरोना से मुक्ति के लिए प्रार्थना
सावन के प्रथम सोमवार पर कटघर स्थित भोले गिरि मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। पुजारी रामलाल शास्त्री ने भगवान भोलेनाथ की मंगला आरती की। इसके बाद जगत के कल्याण के लिए रुद्राभिषेक किया गया। साथ ही कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए भक्तों ने आराधना की। यहां जलाभिषेक करने वालों में आयोजन समिति के प्रवक्ता राजेश केसरवानी, अनिल सिंह, राजू सिंह, अभिलाष केसरवानी, लल्लन त्रिपाठी, चंदन त्रिपाठी, लाल कृष्ण उपाध्याय, प्रकाश शुक्ला, गौरव केसरवानी, सौरभ केसरवानी, शिवम साहू, सचिन केसरवानी, आलोक, अजय अग्रहरि, शिव मोहन गुप्ता, बृजेश श्रीवास्तव समेत कई भक्त शामिल रहे।

पुलिस ने रोकी गहरेबाजी प्रतियोगिता, घोड़े वापस
सावन के महीने में सालों पहले शुरू हुई गहरेबाजी की परंपरा इस बार भी कोविड प्रोटोकॉल की वजह से पुलिस ने रोक दी।।सावन के पहले सोमवार पर मेडिकल चौराहे से सीएमपी चौराहे के बीच गहरेबाजी प्रतियोगिता के लिए नौ से अधिक घोड़े लेकर शाम पांच गहरेबाज पहुंचे। लेकिन, वहां पहले से तैनात पुलिस के जवानों ने प्रतियोगिता नहीं होने दी। शहर के अलग-अलग हिस्से से आए गहरेबाजों को प्रदर्शन का मौका नहीं दिया गया। हालांकि गहरेबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से सबको मायूस होकर वापस होना पड़ा।
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