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Mahakumbh : जिस दिशा से आगमन, उसी घाट पर स्नान के फॉर्मूले से भीड़ प्रबंधन, सुगम रहा यातायात

Thu, 13 Feb 2025 06:31 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

माघी पूर्णिमा पर बुधवार को भीड़ प्रबंधन की एक और परीक्षा में बुधवार को पुलिस-प्रशासन सफल रहा। ‘जिस दिशा से आगमन, उसी घाट पर स्नान के फार्मूले’ से करोड़ों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से स्नान करा गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
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माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ मेले और शहर में यातायात स्थिति सामान्य रही। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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माघी पूर्णिमा पर बुधवार को भीड़ प्रबंधन की एक और परीक्षा में बुधवार को पुलिस-प्रशासन सफल रहा। ‘जिस दिशा से आगमन, उसी घाट पर स्नान के फार्मूले’ से करोड़ों की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से स्नान करा गंतव्य की ओर रवाना किया गया। फॉर्मूले का सख्ती से पालन कराने से संगम क्षेत्र में भी भीड़ का दबाव अपेक्षाकृत कम रहा।

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वसंत पंचमी के बाद यातायात को लेकर बनी गंभीर स्थिति को देखते हुए माघी पूर्णिमा के लिए पुलिस की ओर से विशेष प्रबंध किए गए थे। एक दिन पहले ही मेला क्षेत्र को नो ट्रैफिक जोन घोषित कर दिया गया। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए भी अंतरजनपदीय डायवर्जन पॉइंट पार्किंग स्कीम लागू कर दी। इसके अलावा एक सबसे खास बात यह रही कि ‘जिस दिशा से आगमन, उसी घाट पर स्नान के फार्मूले’ का भी बेहद सख्ती से पालन कराया गया।

इसके तहत साथ अलग-अलग दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को अंतरजनपदीय डायवर्जन पॉइंट पर ही रोक कर पार्क कराया गया। साथ ही पार्किंग के निकटतम घाटों पर ही श्रद्धालुओं को स्नान कर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। मसलन मिर्जापुर और रीवा की ओर से आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं को अरैल, लखनऊ व प्रतापगढ़-अयोध्या मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को फाफामऊ, वाराणसी व जौनपुर मार्ग से आने वालों को झूंसी स्थित घाटों पर स्नान कराया गया। इसका नतीजा यह रहा कि संगम क्षेत्र में भीड़ का दबाव कम रहा।

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माघी पूर्णिमा पर महाकुंभ मेले और शहर में यातायात स्थिति सामान्य रही। - फोटो : अमर उजाला।
हैलो मेला कंट्रोल, काली सड़क पर बढ़ रही भीड़, अलर्ट रहें

माघी पूर्णिमा पर मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए कमांड सेंटर में अफसरों की टीम डटी रही। मेला क्षेत्र में लगे 2750 सर्विलांस कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड के जरिये कमांड सेंटर से चप्पे-चप्पे की निगरानी की गई। यहां लगी स्क्रीनों पर पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र का लाइव नजारा देखते रहे। स्थिति के अनुसार ड्यूटी पर तैनात साथियों को दिशानिर्देश देते रहे। जैसे दोपहर 12:15 बजे के करीब काली सड़क पर पुलिया के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने पर कमांड सेंटर से ही मैसेज प्रसारित कर पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया गया।
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माघी पूर्णिमा पर रिक्शा ट्रॉली से संगम की ओर जाते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।
तीनों जोन में ड्रोन से भी निगरानी

कमांड सेंटर से जहां मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों की स्थिति का जायजा लिया गया तो वहीं तीनों जोन में भी भीड़ के लिहाज से चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की गई। यमुनानगर में डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने लेप्रोसी चौराहे से पुराने यमुना पुल तक ड्रोन कैमरे से पूरे एरिया पर नजर रखी।

यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए बनाई गईं सभी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया। इसी का नतीजा रहा कि करोड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराकर उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। यातायात पूरी तरह से सुगम रहा और आवागमन में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। -वैभव कृष्ण, डीआईजी मेला
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