पांटून पुल से गुजरता बाहुबली के वाहनों का काफिला।
- फोटो : अमर उजाला।
पीपा पुल से गुजरते नजर आए काफिले में सबसे आगे चल रही गाड़ी पर 0009 नंबर लिखा दिखाई पड़ता है। कहा जा रहा है कि यह गाड़ी बाहुबली एमएलसी की ही है। इस वीडियो को समाजवादी पार्टी सोशल मीडिया सेल की ओर से ट्वीट कर सवाल उठाए गए हैं। पूछा गया है कि आखिर बाहुबली एमएलसी को वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया गया।
कुछ सोशल मीडिया यूजरों ने इस पोस्ट पर कमेंट भी किए हैं। इनमें से एक ने लिखा है कि जब आम श्रद्धालुओं के लिए ज्यादातर पीपा पुल बंद हैं तो आखिर कैसे बाहुबली को पीपा पुल पर वाहनों का काफिला लेकर निकलने की अनुमति दी गई। इस संबंध में मेला डीआईजी वैभव कृष्ण से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
कौन हैं विनीत सिंह
बाहुबली विनीत सिंह मूल रूप से वाराणसी के चोलापुर के रहने वाले हैं और चोलापुर थाने के हिस्ट्रीशीटर भी हैं। उनके खिलाफ वाराणसी के अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें अपहरण और रंगदारी वसूलने से लेकर हत्या और हत्या के प्रयास तक के मामले शामिल हैं। आरोप लगते हैं कि विनीत सिंह ने बिहार के किडनैपिंग सिंडिकेट को संस्थागत तरीके से चलाया। रंगदारी, बालू-गिट्टी की कालाबाजारी और रियल स्टेट से भी अकूत कमाई करने के आरोप उन पर लगे हैं।