तमाम उद्घोषक और कंपेयर हो जाएंगे बेरोजगार
पता चला है कि प्रसार भारती के इस कदम से करीब 40 अस्थाई उद्घोषकों के साथ ही 25 कंपेयरों की छुट्टी हो जाएगी। आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला इसके अलावा दर्जन भर से अधिक कार्यक्रमों की रिकार्डिंग और प्रसारण भी बंद हो जाएगा। पता चला है कि इस आदेश पर अमल के बाद सिर्फ प्रात:कालीन सभा से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम भी रोडियो प्रेमी सुन सकेंगे। इससे शाम पांच से रात 11:10 बजे के बीच सायंकालीन सभा के आठ से नौ कार्यक्रमों का प्रसारण प्रभावित होगा। इसमें शाम को ग्रामीण बच्चों के लोकप्रिय कार्यक्रम बाल गोपाल, युववाणी, फिल्म संगीत, सुगम संगीत के अलावा गृह लक्ष्मी और पंचायत घर जैसे प्रसारण गुजरे जमाने की चीज बन सकते हैं।
आकाशवाणी के इलाहाबाद केंद्र का लखनऊ में विलय करने की चर्चा है। अभी कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में विलय के बाद प्रसारण की क्या रूपरेखा होगी या आने वाले समय में आकाशवाणी का क्या स्वरूप होगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। - लोकेश कुमार शुक्ल, केंद्र निदेशक।
रेडियो श्रोता नाराज, विलय के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे
आकाशवाणी इलाहाबाद केंद्र से फिलहाल विविध भारती के कई लोकप्रिय कार्यक्रमों को हटाए जाने के बाद रेडियो श्रोता नाराज हैं। ड्रामा स्टूडियो और म्यूजिक स्टूडियो में रिकार्डिंग न होने से जहां कलाकारों और इससे जुड़े लोगों में मलाल है, वहीं एक-एक कर बंद होते प्रसारणों को लेकर प्रसार भारती के प्रति लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रेडियो श्रोता संघ की ओर से आकाशवाणी के विलय की चर्चा को लेकर कड़े प्रतिवाद की तैयारी है। इस निर्णय के विरोध में रेडियो प्रेमी और श्रोता संघ से जुड़े लोग सड़क पर उतरने का मन बना चुके हैं।