चार हफ्ते पहले यमुनापार में लालापुर के डेराबारी जंगल राहुल कुमार की सिर काटकर हत्या की घटना का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कत्ल में प्रयुक्त तमंचा और चापड़ बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी सादिक उर्फ पप्पू पकड़ में नहीं आ सका है। उसने ही अपनी बहन और गर्लफ्रेंड पर डोर डालने की वजह से दोस्त राहुल को बेरहमी से मार डाला था। उसकी हत्या के लिए दो साथियों की भी मदद ली थी जिन्हें क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। मृतक की बाइक लेकर फरार पप्पू की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
शंकरगढ़ में जनुआ गांव निवासी दलित नंदकिशोर के पुत्र राहुल (28) का तीन जून को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। दूसरे दिन लालापुर के डेराबारी जंगल में उसका धड़ मिला था। कत्ल किसने किया और क्यों? यह रहस्य बना था। परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता पा रहे थे। ऐसे में पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय को भी छानबीन में लगाया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जेपी राय ने मंगलवार को लालापुर पुलिस के साथ प्रतापपुर तिराहे पर घेरकर दो लोगों साधु कोल उर्फ राजू तथा शिवमोहन कोल को दबोच लिया जबकि मौके से सादिक अली उर्फ पप्पू मारे गए राहुल की बाइक पर फरार हो गया। वे तीनों शंकरगढ़ के टकटई गांव के रहने वाले हैँ।
पकड़े गए राजू और शिवमोहन के कब्जे से कत्ल में इस्तेमाल तमंचा और चापड़ बरामद हुआ। एसएसपी जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि राहुल और उसके कातिल सादिक के बीच दोस्ती थी। घर आना-जाना था। मगर कुछ समय पहले सादिक को भनक लगी कि राहुल उसकी बहन से अकेले में मिलता-जुलता है। फोन पर बात भी करता है। वह तब और भन्ना गया जब उसे शक हुआ कि राहुल उसकी गर्लफ्रेंड पर भी डोरे डाल रहा है। बस, उसने राहुल के कत्ल की ठान ली।
सादिक ने हत्या की योजना में राजू और शिवमोहन कोल को शामिल किया। उसने प्लानिंग के तहत तीन जून को ही अपना मोबाइल ऑफ कर लिया। फिर शिवमोहन के मोबाइल से राहुल को फोनकर कहा कि आ जाओ बेहतरीन तमंचा आया है। पसंद आए तो रख लेना। राहुल अपनी बाइक पर शंकरगढ़ पहुंचा तो सादिक ने शिवमोहन के ही मोबाइल से फोनकर राजू कोल को भी वहीं बुला लिया। फिर वे तीनों तमंचा दिखाने के लिए राहुल की ही बाइक पर डेराबारी के जंगल में गए।
वहां बाइक खड़ी करने के बाद वे पैदल जंगल में गए। राहुल को जानकर सबसे आगे कर दिया था। मौका पाकर पीछे से सादिक ने उसकी गर्दन पर चापड़ से प्रहार किया। उसकी गर्दन आधी से ज्यादा कट गई। फिर राजू और शिवमोहन ने राहुल के पैर पकड़े तो सादिक ने चापड़ से उसकी गर्दन काटकर सिर और धड़ अलग कर दिया। धड़ को वहीं पानी की टंकी में डाल दिया। कपड़े झाड़ी में छिपा दिए। सिर को बोरे में भरकर दूर फेंकने के बाद वे तीनों बाइक पर वहां से निकल गए। तब से वे तीनों नंबर प्लेट बदलकर राहुल की बाइक इस्तेमाल कर रहे थे।
राहुल के कत्ल की खातिर सादिक उर्फ पप्पू ने प्लान बी भी बना रखा था। पकड़े गए दोनों आरोपियों राजू और शिवमोहन कोल ने बताया कि सादिक ने कहा था कि अगर उसके चापड़ के हमले में राहुल बच जाए तो राजू कोल फौरन उसके सिर में गोली मार देगा। मगर एक ही वार में राहुल का काम तमाम हो गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चापड़ और तमंचा, तीन कारतूस जंगल से बरामद किया गया। गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय के साथ उपनिरीक्षक नागेश सिंह, एचसीपी जीतेंद्र पाल सिंह, अवधेंद्र तिवारी, इंद्रप्रताप सिंह, अवनीश, पंकज त्रिपाठी, विजय यादव, रविसेन सिंह, बालगोविंद पांडेय, पवन सिंह, अभय कुमार, दीपक सिंह, अनुपम राय, अतुल सिंह आदि शामिल रहे।