घूरपुर इलाके के खटंगिया स्थित कैलाश धाम मंदिर की चौकीदारी करने वाले रामआसरे भारतीय (65) की सोमवार रात चबूतरे पर सोते में ही लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह गांव वालों ने लाश देखी तो हल्ला मचा। भीड़ जुटी तो खबर पाकर घूरपुर थाने की पुलिस पहुंची। कत्ल किसने और क्यों किया? यह रहस्य बना है। दूसरे चौकीदार समेत चार लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
खटंगिया में जसरा-दौना मार्ग पर कैलाश धाम मंदिर है। वहां फौजदार पटेल बरसों से चौकीदारी करता है। इधर पांच महीने से रामआसरे भारतीय (65) भी उसके साथ रहकर रात में मंदिर की चौकीदारी करने लगा था। सोमवार रात भी वे दोनों भोजन के बाद मंदिर आकर चबूतरे पर लेट गए। आधी रात बिजली आने पर फौजदार मंदिर के कमरे में चला गया। रात में मंदिर परिसर में ही रहने वाले लखन, पवन और नीतिश भी आ गए। पवन मंदिर के ऊपर कमरे में चला गया जबकि बाकी दो भी मंदिर के चबूतरे पर रामआसरे से कुछ दूरी पर लेट गए।
सुबह गांव के कुछ लोग टहलते हुए उधर आए तो चबूतरे पर रामआसरे का रक्तरंजित शव देख सन्न रह गए। वहां भीड़ लग गई लेकिन हैरानी की बात यह कि चौकीदार रामआसरे समेत मंदिर में टिके बाकी चार लोगों का कहना है कि उन्हें कत्ल की भनक तक नहीं लगी। रामआसरे को लाठी-डंडे से इस कदर पीटा गया था कि उसके हाथ-पैरों की हड्डियां टूट गई थीं। उसक पत्नी और बेटा भी रोते-कलपते वहां आ गए। यह वारदात किसने की और क्यों? इस बारे में कोई भी नहीं बता सका। पुलिस ने चौकीदार फौजदार पटेल समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। उन पर पुलिस को गहरा शक है। चार साल पहले भी इसी मंदिर के दलित चौकीदार रामानुज की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। आज तक कातिलों के बारे में कुछ पता नहीं लग सका है।