हर्ष फायरिंग पर रोक के बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं, जिसकी वजह से खुशी के मौके पर मातम पसर जा रहा है। शनिवार रात मऊआइमा में तिलक समारोह के दौरान फायरिंग में दुल्हन के चाचा रामआसरे की मौत हो गई। फायरिंग करने वाले लोगों को पकड़ा नहीं जा सका है, क्योकि थाने में शिकायत ही नहीं की गई। पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर प्रतापगढ़ चले गए। इस घटना से शादी वाले परिवार में कोहराम मचा है।
रामआसरे (25) प्रतापगढ़ में रानीगंज के विष्णुपुर कला गांव निवासी बाबूलाल के दो बेटों में छोटा था। बड़ा पुत्र लुधियाना में नौकरी करता है। रामआसरे की भतीजी पूनम का ब्याह मऊआइमा के परमानंदपुर गांव में विकास कुमार गौड़ से होना है। शनिवार को तिलकोत्सव था। शाम को प्रतापगढ़ से पूनम के परिवार के लोग और रिश्तेदार तिलक चढ़ाने परमानंदपुर गांव आए थे। रात में तिलक चढ़ाने के दौरान फायरिंग की गई। कुछ देर बाद लोगों ने रामआसरे को खून से लथपथ पड़ा देखा तो अफरातफरी मच गई। उसे उठाकर शहर में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव ले गए। मऊआइमा थाना प्रभारी तुषार त्यागी ने बताया कि थाने में घटना की सूचना तक नहीं दी गई है। शिकायत मिले तो छानबीन की जाएगी। वह खुद इस बारे में पता लगा रहे हैं।