इस बैंक में हुई 13.5 लाख की डकैती।
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सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक में 17 लॉकर तोड़ करोड़ों की चोरी के मामले में मुख्य संदिग्ध और झारखंड के शातिर बदमाश हसन चिकना गैंग के दो सदस्यों को पकड़ लिया है। उनसे पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। पता चला है कि चिकना गैंग यूको बैंक जैसी ही कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। इनमें कुछ महीनों पहले बोकारो स्थित स्टेट बैंक की एडीएम शाखा में हुई करोड़ों की चोरी की वारदात भी शामिल है।
सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा में 29 अप्रैल की रात घुसे चोरों ने 17 लॉकर तोड़कर करोड़ों का माल उड़ा दिया था। चोरों ने घटना में गैस कटर का इस्तेमाल किया था। मामले के खुलासे में एसटीएफ के साथ ही क्राइम ब्रांच भी लगी है। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने कौशाम्बी और करेली निवासी दो युवकों को उठाया। सूत्रों की मानें तो तब पता चला कि झारखंड के एक गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया। पूछताछ के दौरान करेली और कौशाम्बी निवासी युवकों की भूमिका मददगार के तौर पर सामने आई। दोनों को लेकर पुलिस की एक टीम ने पश्चिम बंगाल के मालदा में दबिश देकर गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले से दो लोगों को पकड़ा।
सूत्रों की मानें तो इनमें राजमहल थाना क्षेत्र के लखीपुर से पकड़ा गया मो. अकबर शेख और लखीपुर से हिरासत में लिया गया हमीर शेख शामिल हैं। दोनों शातिर बदमाश हसन चिकना के गिरोह के सदस्य बताए जा रहे हैं। जो झारखंड समेत अन्य राज्यों में चोरी की कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। हालांकि इस मामले मेें फिलहाल जिला पुलिस का कोई अफसर बोलने को तैयार नहीं है।
सूत्रों की मानें तो दोनों शातिरों ने पूछताछ में यूको बैंक चोरी की वारदात में शामिल होने की बात कबूल ली है। उनसे पुलिस को यह भी पता चला है कि 17 लॉकरों से बदमाशों को कुल 55 लाख रुपये की नगदी मिली थी। इनमें से 3.5 लाख रुपये करेली और कौशाम्बी निवासी दोनों मददगारों को दिए गए थे। इसी जानकारी के आधार पर शनिवार रात पुलिस ने करेली में छापा मारकर 1.5 लाख रुपये बरामद किए।
सूत्रों की मानें तो पूछताछ में बदमाशों ने यह भी कबूल किया है कि यूको बैंक की घटना में लाया गया ऑक्सीजन सिलेंडर कौशाम्बी से लाया गया था। इसमें कौशाम्बी निवासी मददगार ने गिरोह के सदस्यों की मदद की थी। उसने सिलेंडर दिलाने के साथ ही बदमाशों को किराये पर पिकअप भी मुहैया कराया था जिस पर लादकर सिलेंडर बैंक तक ले जाया गया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो हसन चिकना गिरोह ने कुछ महीनों पहले बोकारों में भी एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। तब एसबीआई एडीएम शाखा में 76 लॉकर काटकर करोड़ों रुपये के जेवर उड़ा दिए गए थे। इस मामले में झारखंड पुलिस गिरोह के 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जिनमें चिकना की पत्नी भी शामिल है। हालांकि सरगना चिकना को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। झारखंड पुलिस इस मामले में छह करोड़ रुपये के जेवरात बरामद कर चुकी है।