शहर में रामबाग समेत कई नाले विवाद की जड़ बने हैं। अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या के बाद नगर निगम का नजूल विभाग नालों पर कब्जा संबंधी फाइलों पर जमी धूल साफ करने लगा है। फिलहाल शहर में करीब 13 विवादित नालों की सूची तैयार है। इन नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक बार फिर से कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
वकील की हत्या के आरोपी होटल मालिक का भी रामबाग में नाले पर कब्जा है। यहां नाले पर स्लैब डालकर आठ दुकानें बनाई गई हैं। इसमें दो दुकानें और नाले का बड़ा हिस्सा कब्जा कर होटल की रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। नजूल विभाग के अफसरों के मुताबिक रामबाग में नाले पर किया गया अतिक्रमण हटाने के लिए तीन वर्ष में 20 से अधिक बार दस्ता मौके पर गया। कभी हंगामा तो कभी दबाव के चलते कार्रवाई टालनी पड़ी। अब यहां नए सिरे से कार्रवाई की रणनीति बनाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियरिंग विभाग ने विवादित और जिन नालों पर ज्यादा अतिक्रमण है, उनका चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। नजूल अधीक्षक ने सभी जिलेदारों से चार दिन में नालों के संबंध में रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद विभागों के समन्वय से नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सिविल लाइंस, एसपी मार्ग, एलग्नि रोड, लाउदर रोड, बालसन चौराहा, सोहबतियाबाग, अल्लापुर, बख्शी बांध, दारागंज, रामबाग स्टेशन के सामने, गौस नगर, जाफरी कॉलोनी समेत दो दर्जन से अधिक इलाकों में नालों पर कब्जा बड़ी परेशानी बनी है। संबंधित मोहल्लों में नालों को अतिक्रमण मुक्त करने की की बार कोशिश की गई लेकिन यदा कदा हुई कार्रवाई सिर्फ खानापूरी तक सीमित रही। अब जब बारिश सिर पर है और शहर भर में कुंभ के मद्देनजर विकास कार्य कराए जा रहे, ऐसे में नालों पर कब्जा बड़ी समस्या बनी है। कई स्थानों पर आए दिन कब्जेदारों और शिकायत करने वालों के बीच मारपीट और तू तू-मैं मैं होती रहती है। ऐसे मामले पुलिस के संज्ञान में आते हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती।
शहर के छोटे-बड़े नालों पर कब्जा कई मोहल्लों में जलजमाव का बड़ा कारण बनता है। नाला सफाई का काम भी इससे प्रभावित हो रहा है। नालों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कार्रवाई से पहले लोगों से खुद कब्जा हटाने के लिए कहा जा रहा है।
- हरिकेश चौरसिया, नगर आयुक्त