यमुनापार के मेजा इलाके में सिरसा कस्बे के दवा कारोबारी मुकेश चौधरी उर्फ बंटी का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि वह बलरामपुर में अपनी बहन के यहां चला गया था और यहां परिजन तथा व्यापारी बवाल काटने लगे। मंगलवार शाम पुलिस चौकी पर हंगामा करने के बाद लोगों ने बुधवार सुबह चौकी के सामने जाम लगा दिया। चौकी में कुर्सी-मेज भी तोड़ दी। तभी दोपहर में बलरामपुर से मुकेश की बहन ने फोन किया और बताया कि उसे घर वापस भेज दिया है।
सिरसा कस्बा स्थित चौधरी मेडिकल स्टोर का संचालक मुकेश चौधरी उर्फ बंटी (45) मंगलवार सुबह घर से निकलने के बाद लापता हो गया। मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा था। दोपहर में उसकी पत्नी श्वेता ने सिरसा चौकी जाकर पति के गायब होने और अपहरण की शिकायत की। शाम तक कुछ पता नहीं चला तो बड़ी संख्या में व्यापारियों के साथ परिजनों ने पुलिस चौकी पर जाकर नारेबाजी करते हुए हंगामा कर दिया। थाना प्रभारी शिवसागर पांडेय ने आकर मनाया तो वे शांत हुए। पत्नी ने तहरीर दी तो सिरसा कस्बे से सटे बरी गांव निवासी अधिवक्ता दिलीप मिश्रा के बेटों नवनीत और विनीत के खिलाफ अपहरण का केस लिखा गया। आरोप लगाया कि पैसों के विवाद में उन दोनों ने अपहरण किया।
बुधवार सुबह भी सिरसा बाजार बंदकर व्यापारियों ने पुलिस चौकी के सामने हंगामा किया। कुर्सियां-मेज तोड़ दीं तथा चक्काजाम कर दिया। सिपाही बचने के लिए पिछले दरवाजे से भागे और अफसरों को सूचना दी। खबर पाकर मेजा पुलिस के साथ एसपी यमुनापार और सीओ समेत एसडीएम शिवानी पहुंच गई। कारोबारियों ने मुकेश चौधरी की बरामदगी के लिए पुलिस को चार घंटे की मोहलत दी। पुलिस खोजबीन में लगी थी तभी दोपहर करीब दो बजे बलरामपुर से मुकेश की बहन कविता ने उसकी पत्नी श्वेता को फोन किया। बहन ने बताया कि मुकेश उसके घर आया था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसे वापस सिरसा के लिए भेज दिया है। श्वेता ने फौरन एसपी यमुनापार को फोन पर जानकारी दी। एसपी ने कहा कि मुकेश घर आए तो जानकारी दें।
लापता मुकेश के अपहरण के आरोप में वकील दिलीप मिश्र के दो बेटों के खिलाफ मुकदमा लिखाने से नाराज वकीलों ने मेजा तहसील में काम ठप कर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि दो भाइयों को फर्जी फंसाया गया है। दोपहर में सूचना मिली कि मुकेश अपनी बहन के यहां गया था और लौट रहा है तब वकीलों ने कार्य बहिष्कार समाप्त किया।