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लापता युवक का शव मिला, पुलिस पर पथराव, चक्काजाम

Wed, 24 May 2017 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बरी बोझ गांव से सोमवार दोपहर दोस्त के घर जाने की बात कहकर निकलने के बाद लापता कौशल मौर्या (28) की मंगलवार सुबह लाश मिलने पर भड़के ग्रामीणों ने खूब उत्पात किया। शव नवाबगंज चौराहे पर रखकर पुलिस से झड़प, पथराव और तोड़फोड़ की। कई गाड़ियों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। कुछ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। आखिर में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करते हुए शव कब्जे में लिया। मृतक के भाई ने उसके दोस्त पर कत्ल का शक जताते हुए केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, हालांकि उसने खुद को बेकसूर बताया है।
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 नवाबगंज में बरी बोझ गांव का कौशल मौर्य उर्फ भूतनाथ (28) दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता शिक्षक रामचरण मौर्या का 1996 में बीमारी से निधन हो गया था। कौशल कई साल से बसपा नेता मनोज पांडेय के मेजा स्थित क्रशर प्लांट में ब्लास्टिंग का काम करता था। सोमवार सुबह वह दोस्त सराय फत्ते गांव निवासी सुजीत मिश्र उर्फ मोनू निवासी के साथ बाइक पर मेजा से निकला। मोनू को उसके घर छोड़कर अपने घर आया। भोजन के बाद वह घर से यह कहकर निकला कि मोनू से बकाया 50 हजार रुपये लेने जा रहा है। फिर वह घर नहीं लौटा। मंगलवार सुबह कंजिया गांव के लोगों ने नहर किनारे गड्ढे में कौशल को मृत पड़ा देखा तो सन्न रह गए। वहीं उसकी बाइक भी पलटी थी। खबर पाकर परिवार के लोग पहुंचे। नवाबगंज पुलिस भी मौके पर आ गई।

बरी बोझ गांव में मंगलवार को कौशल मौर्य का शव मिलने के बाद जमकर बवाल हुआ। कौशल के नाक और कान से खून रिसा था। पुलिस ने शव उठाना चाहा तो परिजन दोस्त मोनू पर कत्ल का आरोप लगाते हुए बिफर गए। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा फोरेंसिक टीम को बुलाने की मांग की। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच की, मगर परिजन जबरन शव उठाकर बरीबोझ गांव की तरफ बढ़ गए। आधा किलोमीटर बाद शव को टेंपो से नवाबगंज चौराहा ले जाकर सड़क पर रख चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि मुख्यमंत्री आकर 1996 में दिवंगत शिक्षक रामचरण की जगह उनके छोटे बेटे अभिमन्यु को मृतक आश्रित कोटे की नौकरी तथा मुआवजा दिलाएं। यहां पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प होने लगी।
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इस दौरान भीड़ ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विधायक विक्रमाजीत मौर्या की होर्डिंग फाड़ डाली, साथ ही पथराव किया जिससे कई गाड़ियों तथा दुकानों को नुकसान पहुंचा। पेट्रोल पंप भी बद कर दिया गया। एसडीएम सोरांव बृजेंद्र द्विवेदी और एसपी गंगापार मुन्नालाल ने ग्रामीणों से बात करने की क ोशिश की, मगर उनके साथ भी धक्कामुक्की कर दी गई। भीड़ शव लेकर फोरलेन हाईवे की तरफ भागी तो पुलिस भी पीछे लगी। भीड़ ने पथराव किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आरएएफ और पीएसी ने भी भीड़ को खदेड़ा। पथराव में एसपी गंगापार, इंस्पेक्टर मऊआईमा और नवाबगंज इंस्पेक्टर बाल-बाल बचे। पुलिस ने बवाल के दौरान कई लोगों को पकड़ लिया। फिर पुलिस ने किसी तरह शव कब्जे में लिया। पुलिस ने उपद्रव में 25 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ बलवा, हमले, धमकी का केस लिखा है।
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