यमुनापार के करछना इलाके में शनिवार शाम महाविद्यालय से एक लिपिक के साथ बाइक पर लौट रहे कॉलेज प्रबंधक आलोक सिंह पटेल के अपहरण का हल्ला मच गया। लिपिक ने बताया कि टवेरा से टक्कर मारकर दोनों को गिराकर पीटने के बाद आलोक को उठाकर ले जाया गया। मगर घंटे भर बाद आलोक शहर के निजी अस्पताल में भर्ती मिला। वह गंभीर रूप से घायल है। चौंकाने वाली बात यह कि सोनभद्र में तैनात बड़े भाई सिपाही जय सिंह ने कहा कि उसकी गाड़ी से टक्कर लगी तो वह घायल भाई को अस्पताल ले गया। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
करछना में घटवा गांव निवासी पूर्व प्रधान मोतीलाल सिंह के पुत्र आलोक पटेल (35) इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री हैं। वह घटवा स्थित मोतीलाल सिंह विधि महाविद्यालय तथा बीटीसी कॉलेज के प्रबंधक हैं। आलोक पांच भाइयों में छोटे हैं। बड़े भाई उदयराज सिंह लखनऊ में नगर आयुक्त हैं। दो भाई ब्रजेंद्र सिंह और संघसेन सिंह कानपुर के कॉलेज में प्रोफेसर हैं। एक भाई जय सिंह सिपाही है जिसकी तैनाती सोनभद्र में है। शनिवार शाम तकरीबन छह बजे आलोक कॉलेज से लिपिक अमित सिंह के साथ बाइक पर डेढ़ किलोमीटर दूर घर के लिए रवाना हुए। वे कुछ दूर पर फत्तेपुर गांव के पास नहर किनारे पहुंचे तभी सामने से आई टवेरा ने उन्हें टक्कर मार दी।
वे दोनों गिर गए। फिर टवेरा से उतरे कुछ लोग आलोक को उठा ले गए। अमित ने फोन से खबर दी तो आलोक के परिजन वहां पहुंच गए। अमित ने उन्हें बताया कि टवेर से उतरे लोगों ने उन दोनों को डंडे से पीटा फिर आलोक का अपहरण कर लिया। सूचना पर सक्रिय करछना पुलिस ने घेराबंदी की। करीब घंटे भर बाद पता चला कि गंभीर रूप से घायल आलोक जीवन ज्योति हॉस्पिटल में भर्ती है। थाना प्रभारी सच्चिदानंद त्रिपाठी के मुताबिक, बडे़ भाई सिपाही जय सिंह ने बताया कि वह दो दिन से घर आया है। शाम को टवेरा से निकला था तभी आलोक की बाइक में टक्कर लगी। उसने ही आलोक को अस्पताल में भर्ती किया। मगर पुलिस को लिपिक अमित के बयान से घटना संदिग्ध लग रही है। होश में आने पर आलोक के बयान से ही इस घटना की तस्वीर साफ हो सकेगी।